कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट ने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर अदालत में हलफनामा दाखिल करने वाले एक लॉ स्टूडेंट के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया है. सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने आदेश दिया कि सुती पुलिस स्टेशन आरोपी छात्र मसूद शेख के खिलाफ तुरंत एफआइआर दर्ज करे और आवश्यक हो, तो उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करे. कोर्ट ने पुलिस को मामले की जांच कर 13 फरवरी को अदालत में रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया. गौरतलब है कि सुती निवासी छात्र ने हाइकोर्ट में मामला दायर कर आरोप लगाया था कि विपक्षी राजनीति पार्टी से जुड़े होने के कारण उसे तरह-तरह से परेशान किया गया. इस बाबत उसने थाने में शिकायत दर्ज करायी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. छात्र ने आरोप लगाया कि 10 दिसंबर को शाम करीब साढ़े सात बजे एक जुलूस से घर लौटते समय कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया था. उसे घायल अवस्था में सुती ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया. बाद में उच्च न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने उसे सुरक्षा मुहैया करायी. सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, छात्र द्वारा पेश की गयी मेडिकल रिपोर्ट फर्जी थी. उस रिपोर्ट पर किसी और के हस्ताक्षर हैं. इसके बाद ही अदालत ने आरोपी छात्र के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया.
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