कानून शिक्षा समाज की जिम्मेदारी का आधार : मुख्य न्यायाधीश

हुगली मोहसिन कॉलेज के कानून विभाग में शनिवार को पूर्व छात्रों का भव्य पुनर्मिलन उत्सव आयोजित किया गया.

मोहसिन कॉलेज में पूर्व छात्रों का पुनर्मिलन उत्सव

प्रतिनिधि, हुगली.

हुगली मोहसिन कॉलेज के कानून विभाग में शनिवार को पूर्व छात्रों का भव्य पुनर्मिलन उत्सव आयोजित किया गया. इस अवसर पर कोलकाता हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए. उनके साथ न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष, न्यायमूर्ति विभाष पट्टनायक, ज्यूडिशियल साइंस यूनिवर्सिटी के कुलपति मृणाल कांति चक्रवर्ती सहित कई विशिष्ट न्यायाधीश भी शामिल हुए. कार्यक्रम में हुगली जिले के मुख्य सरकारी वकील शंकर गांगुली, कॉलेज के कानून विभाग के प्राध्यापक, प्राचार्य, जिलाधिकारी मुक्ता आर्य, चंदननगर पुलिस कमिश्नर अमित पी जवालगी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (हुगली ग्रामीण) कल्याण सरकार भी मौजूद थे. बड़ी संख्या में अधिवक्ता और पूर्व छात्र-छात्राएं भी इस अवसर पर शामिल हुए. मुख्य न्यायाधीश शिवगणनम ने अपने संबोधन में कहा कि मोहसिन कॉलेज आकर वह दूसरी बार अभिभूत महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कानून शिक्षा न केवल करियर का मार्ग है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी माध्यम है. न्यायपालिका और वकीलों की भूमिका समाज में न्याय और संतुलन बनाये रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण है.

गौरतलब है कि मोहसिन कॉलेज के अनेक पूर्व छात्र आज न सिर्फ कोलकाता हाइकोर्ट, बल्कि देशभर के विभिन्न न्यायालयों और क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो कॉलेज की गौरवशाली परंपरा को दर्शाता है. दिनभर चले इस मिलन समारोह में पुराने और नए छात्रों के बीच आत्मीय संवाद हुआ और पूरा परिसर उत्सवमय माहौल में डूब गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >