संवाददाता, कोलकाता
पूर्व सांसद व तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने पश्चिम बंगाल से जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के दो आतंकवादियों की गिरफ्तारी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ही नहीं, बल्कि उनके मंत्रालय को ही कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि यह उनके विभाग की विफलता है. जेएमबी के दो आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ हो रही है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं उनका लिंक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ से तो नहीं हैं. आतंकियों की गिरफ्तारी को लेकर विपक्ष पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमलावर है. उसका आरोप है कि राज्य में आइएसआइ की जड़ें मजबूत हो रही हैं.
इधर, तृणमूल नेता घोष ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, “पश्चिम बंगाल एक सीमावर्ती राज्य है. ऐसी स्थिति में यहां कोई भी आतंकवादी दाखिल होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी बनेगी? निश्चित तौर पर इसकी जवाबदेही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय गृह मंत्रालय की होगी. श्री शाह को सामने आकर इस संबंध में जवाब देना चाहिए. उन्हें यह स्पष्ट कर करना चाहिए कि आखिर यह सब कैसे हुआ? इस देश में जितने भी सीमावर्ती राज्य हैं, निस्संदेह उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की बनती है.” उन्होंने आगे कहा कि “यह अलग विषय है कि आतंकवादी कहां पकड़े गये, दिल्ली में पकड़े गये या बंगाल में या गुजरात में. लेकिन, सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर वे हमारे देश की सीमा में कैसे दाखिल हुए? इसका जवाब केंद्रीय गृह मंत्रालय को देना चाहिए. मेरा मानना है कि यह निश्चित तौर पर यह केंद्रीय गृह मंत्रालय की विफलता है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है.”
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