बंगाल में ढह गया ममता बनर्जी का सबसे अभेद्य किला, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने दिया इस्तीफा

Kolkata Mayor Firhad Hakim Resigns: कोलकाता नगर निगम (KMC) के मेयर फिरहाद हकीम अपने पद से इस्तीफा देंगे. टीएमसी नेता कुणाल घोष ने बताया कि ममता बनर्जी ने उनके इस्तीफे के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है. बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद हकीम ने प्रशासनिक दिक्कतों का हवाला दिया था.

Kolkata Mayor Firhad Hakim Resigns: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सत्ता गंवाने के बाद चौतरफा बगावत और सांगठनिक बिखराव से जूझ रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और करारा झटका लगा है. ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद और वफादार नेता और कोलकाता नगर निगम (KMC) के मेयर फिरहाद हकीम (बॉबी हकीम) अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

ममता बनर्जी ने भारी मन से स्वीकार किया इस्तीफा

बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष ने इसकी पुष्टि की. इसके साथ ही सियासी हलकों में खलबली मच गयी.कुणाल घोष ने बताया कि फिरहाद हकीम के इस फैसले और पद छोड़ने के अनुरोध को पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भारी मन से स्वीकार कर लिया है.

पार्षदों के विद्रोह के बाद बॉबी ने लिया फैसला

कुणाल घोष ने पत्रकारों को बताया कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से कोलकाता नगर निगम के दैनिक कामकाज और नागरिक सेवाओं को संचालित करने में फिरहाद हकीम को अभूतपूर्व प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था.

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पार्षदों के इस्तीफे और गिरफ्तारियों से टूट गये थे मेयर

अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि नगर निगम के भीतर टीएमसी पार्षदों में मची भगदड़ और हाल के हफ्तों में लगातार हो रहे इस्तीफों व दलबदल ने मेयर के तौर पर हकीम की स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया था. सचिन सिंह और सुदीप पोली जैसे नेताओं की गिरफ्तारियों ने उनका मनोबल पूरी तरह तोड़ दिया.

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ममता बनर्जी ने पहले रोका, बाद में दी हरी झंडी

कुणाल घोष ने बताया कि जब फिरहाद हकीम ने पहली बार इस्तीफा देने की इच्छा जतायी, तब ममता बनर्जी ने उन्हें पद पर बने रहने और लड़ाई लड़ने को कहा था. हालांकि, केएमसी के तेजी से बदलते आंतरिक समीकरणों के बीच हकीम ने बुधवार को दोबारा पद छोड़ने की अनुमति मांगी, जिसके बाद ममता बनर्जी सहमत हो गयीं.

Kolkata Mayor Firhad Hakim Resigns: 2018 से कोलकाता के ‘बॉस’ थे हकीम

तृणमूल कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली और बड़े अल्पसंख्यक चेहरे के रूप में फिरहाद हकीम वर्ष 2018 से लगातार कोलकाता के महापौर (Mayor) पद पर काबिज थे. वे ममता बनर्जी सरकार में शहरी विकास जैसे सबसे मलाईदार मंत्रालयों को संभालते रहे थे. कोलकाता नगर निगम 2010 से तृणमूल कांग्रेस के नियंत्रण में था.

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कौन संभालेगा कोलकाता की कमान? सस्पेंस गहराया

फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद अब कोलकाता नगर निगम का उत्तराधिकारी कौन होगा, इस पर नबान्न से लेकर लाल बाजार तक सस्पेंस गहरा गया है. फिलहाल टीएमसी के पास कोई ऐसा बड़ा चेहरा नहीं है, जो इस संकट के दौर में निगम को संभाल सके.

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Published by: Mithilesh Jha

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