शहर के कई रूफटॉप रेस्टोरेंट पर निगम की कड़ी कार्रवाई के संकेत
मछुआ फलमंडी इलाके में होटल में लगी भीषण आग की घटना के बाद सख्त नियम लागू किये जाने के बावजूद कोलकाता के कई रूफटॉप रेस्टोरेंट और बार अब भी नियमों को ताक पर रखकर संचालित किये जा रहे हैं.
By AKHILESH KUMAR SINGH | Updated at :
सख्ती. एसओपी के उल्लंघन पर 20 से अधिक रेस्टोरेंट व बार को नोटिस
संवाददाता, कोलकातामछुआ फलमंडी इलाके में होटल में लगी भीषण आग की घटना के बाद सख्त नियम लागू किये जाने के बावजूद कोलकाता के कई रूफटॉप रेस्टोरेंट और बार अब भी नियमों को ताक पर रखकर संचालित किये जा रहे हैं. इससे वहां आने वाले लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है. ऐसे में कोलकाता नगर निगम (केएमसी) इन रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है. नगर निगम के बिल्डिंग विभाग ने हाल ही में एक विशेष अभियान चलाकर पाया कि 20 से अधिक रूफटॉप रेस्टोरेंट और बार राज्य सरकार द्वारा तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन नहीं कर रहे हैं. इसके बाद सभी को नोटिस जारी कर छत का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा खाली रखने का निर्देश दिया गया है. आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को सील या बंद किया जा सकता है. निगम सूत्रों के अनुसार, कई रूफटॉप रेस्टोरेंट में अब भी छत के सामने और खुले हिस्सों में स्थायी या अस्थायी स्ट्रक्चर बने हुए हैं, जो नियमों के स्पष्ट उल्लंघन की श्रेणी में आते हैं. सभी संबंधित मालिकों को कुछ दिनों का समय देकर स्ट्रक्चर हटाने का निर्देश दिया गया है. निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम यह देखकर हैरान हैं कि सख्त निर्देशों के बावजूद लापरवाही जारी है. छत के सामने का हिस्सा तुरंत खाली करने का आदेश दिया गया है. अगर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो हमें संबंधित रेस्टोरेंट और बार का कारोबार बंद कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. इंसानी जान सबसे पहले है.” गौरतलब है कि पिछले वर्ष अप्रैल में मछुआ फलमंडी इलाके के एक होटल में भीषण आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गयी थी. घटना के अगले दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्क स्ट्रीट के एक रूफटॉप रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया था और छत के घिरे होने पर चिंता जतायी थी. इसके बाद नगर निगम, पुलिस और अग्निशमन विभाग को शहर भर में रूफटॉप रेस्टोरेंट्स के खिलाफ सख्त अभियान चलाने का निर्देश दिया गया था. तत्कालीन मुख्य सचिव मनोज पंत के नेतृत्व में गठित स्टेट लेवल कमेटी फॉर फायर सेफ्टी एंड रेगुलेटरी कंप्लायंस ने एक विस्तृत एसओपी तैयार किया था. इसके तहत छत पर किसी भी तरह का स्ट्रक्चर निषिद्ध है, कुल छत क्षेत्र का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा खुला रखना अनिवार्य है, आने-जाने के लिए अलग और सुरक्षित रास्ता होना चाहिए, गैस या किसी भी ज्वलनशील ईंधन के इस्तेमाल पर रोक है, केवल इलेक्ट्रिक ओवन और माइक्रोवेव से खाना पकाने की अनुमति है. इसके बावजूद कई रूफटॉप रेस्टोरेंट इन नियमों का पालन किये बिना कारोबार जारी रखे हुए हैं. अब नगर निगम ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ कठोर कदम उठाने के मूड में है.
13 को मेयर पेश करेंगे अंतरिम बजट
कोलकाता. यह साल पश्चिम बंगाल के लिए चुनावी वर्ष है, क्योंकि इस साल विधानसभा चुनाव के बाद ही राज्य में कोलकाता नगर निगम सहित कई नगर निकायों में चुनाव होना है. ऐसे विधानसभा और निगम चुनाव से पहले कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम 13 फरवरी कोलकाता नगर निगम का अंतरिम बजट पेश करेंगे. इस दिन दोपहर 2.30 बजे वह बजट पेश करेंगे. इससे पहले गुरुवार को निगम में सर्वदलीय बैठक होगी. वहीं निगम का बजट पेश होने के बाद 16 व 17 फरवरी बजट पर चर्चा है. अंतिम दिन 17 फरवरी मंगलवार को निगम बजट पर मेयर फिरहाद हकीम सदन को संबोधित करेंगे.