जस्टिस काटजू ने TMC की महिला सांसदों को बताया ‘मैकबेथ की चुड़ैल’, महुआ मोईत्रा ने किया करारा पलटवार

Justice Katju Controversy TMC MPs: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने टीएमसी की महिला सांसदों की तुलना ‘मैकबेथ’ की चुड़ैलों करके एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. इस अपमानजनक टिप्पणी पर महुआ मोईत्रा ने पलटवार किया है. जानें क्या है पूरा विवाद और किसने क्या कहा.

Justice Katju Controversy TMC MPs: अपनी बेबाक और अक्सर विवादित टिप्पणियों के लिए मशहूर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू फिर चर्चा में हैं. इस बार उनके निशाने पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की महिला सांसद हैं. काटजू ने सोशल मीडिया पर टीएमसी की महिला सांसदों की तुलना शेक्सपियर के नाटक ‘मैकबेथ’ की 3 चुड़ैलों (Witches of Macbeth) से कर दी है. टीएमसी सांसद महुआ मोईत्रा ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए काटजू को अपनी ‘मानसिक स्थिति’ पर ध्यान देने की सलाह दी है.

काटजू का विवादित पोस्ट- फेयर इज फाउल एंड फाउल इज फेयर

जस्टिस काटजू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर टीएमसी की महिला ब्रिगेड पर तंज कसते हुए ‘मैकबेथ’ नाटक की पंक्तियों का सहारा लिया. काटजू ने टीएमसी की महिला सांसदों की एक तस्वीर साझा करते हुए उनकी तुलना उन 3 चुड़ैलों से की, जो मैकबेथ के पतन की भविष्यवाणी करती हैं. उन्होंने लिखा कि ये ‘चुड़ैलें’ बंगाल की राजनीति में अराजकता और भ्रम पैदा कर रही हैं.

पहले भी विवादों में रहे हैं जस्टिस काटजू

जस्टिस काटजू इससे पहले भी बंगाल की राजनीति और वहां के नेताओं पर अपनी तीखी टिप्पणियों के लिए विवादों में रहे हैं, लेकिन महिला सांसदों के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल पहली बार हुआ है.

इसे भी पढ़ें : मार्कंडेय काट्जू का दावा- बीजेपी में शामिल हो सकती हैं महुआ मोईत्रा, सागरिका और सायोनी घोष

महुआ मोईत्रा का फायरब्रांड जवाब- इलाज की जरूरत है

हमेशा आक्रामक रहने वाली महुआ मोईत्रा ने काटजू की इस टिप्पणी को ‘महिला विरोधी’ और ‘घटिया’ करार दिया है. महुआ ने कहा कि जस्टिस काटजू शायद अपनी उम्र और अकेलेपन के कारण अपनी सुध-बुध खो बैठे हैं. उन्होंने कहा- बेहतर होगा कि आप एक अच्छे मनोवैज्ञानिक से अपने दिमाग का इलाज कराएं.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

काटजू का बयान बंगाल की नारी शक्ति का अपमान : महुआ

महुआ मोईत्रा ने याद दिलाया कि एक पूर्व न्यायाधीश से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती. यह केवल टीएमसी की महिला सांसदों का नहीं, बल्कि बंगाल की नारी शक्ति का अपमान है. टीएमसी का कहना है कि काटजू जैसे लोग अब केवल सुर्खियों में रहने के लिए ऐसी ओछी बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं.

Justice Katju Controversy TMC MPs: सोशल मीडिया पर छिड़ा महासंग्राम

काटजू के इस बयान के बाद नेटिजंस दो गुटों में बंट गये हैं. कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की आजादी और ‘साहित्यिक व्यंग्य’ बता रहे हैं. वहीं महिलाओं का एक बड़ा वर्ग काटजू के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है. टीएमसी समर्थकों ने इसे भाजपा की ‘बी-टीम’ का हमला करार दिया है.

इसे भी पढ़ें : ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश की बारी, बंगाल फतह के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा वार

व्यक्तिगत नहीं रहा मार्कंडेय और महुआ का वाकयुद्ध

मार्कंडेय काटजू और महुआ मोईत्रा के बीच यह वाकयुद्ध अब केवल व्यक्तिगत नहीं रहा, बल्कि इसने बंगाल की अस्मिता और महिला सम्मान के मुद्दे को फिर से गरमा दिया है. अब देखना है कि क्या बार काउंसिल या कोई अन्य संस्था काटजू की इन टिप्पणियों पर संज्ञान लेती है.

इसे भी पढ़ें

ममता बनर्जी बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी, दीदी के बयान पर बंगाल के अधिकारी ले रहे मजे- हमें 2-2 सीएम मिलेंगे

बंगाल में भाजपा की जीत से ढाका में हड़कंप, बांग्लादेशी मीडिया ने बताया ‘बड़ा संकट’, सांसद को डराने लगा शरणार्थी संकट

Video : फ्लाइट में महुआ मोइत्रा के खिलाफ लगे ‘चोर-चोर’ के नारे, TMC सांसद ने दर्ज कराई शिकायत

बंगाल में एसआईआर के मुद्दे पर महुआ मोईत्रा ने फिर चुनाव आयोग पर बोला हमला

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >