जजों की नियुक्ति के लिए न्यायिक सेवा परीक्षा की अधिसूचना को हाइकोर्ट में चुनौती

पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग (पीएससी) द्वारा न्यायिक सेवा परीक्षा 2024 के लिए जारी अधिसूचना को कलकत्ता हाइकोर्ट में चुनौती दी गयी है.

कोलकाता. पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग (पीएससी) द्वारा न्यायिक सेवा परीक्षा 2024 के लिए जारी अधिसूचना को कलकत्ता हाइकोर्ट में चुनौती दी गयी है. याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि आयोग ने परीक्षा पात्रता संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया. पीएससी ने 25 अगस्त 2024 को अधिसूचना जारी की थी, जिसमें राज्य की विभिन्न निचली अदालतों में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित किए जाने की घोषणा की गयी थी. याचिकाकर्ताओं ने हाइकोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने जजों की नियुक्तियों के लिए उम्मीदवारों के पास कम-से-कम तीन वर्ष का वकालत अनुभव अनिवार्य किया है. लेकिन पीएससी की अधिसूचना में इस अनुभव शर्त का उल्लेख नहीं किया गया, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठ खड़े हो गये. शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आयोग ने नियुक्ति संबंधी दिशा-निर्देशों की अनदेखी की.

, जिससे प्रतिभागियों के हित प्रभावित होंगे. मामला न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ में दाखिल किया गया है. इसकी सुनवाई अगले सप्ताह होने की संभावना है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR SINGH

AKHILESH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >