मुर्शिदाबाद हिंसा : एनआइए के विशेष कोर्ट में 31 आरोपियों की वर्चुअल पेशी

मुर्शिदाबाद के बेलडांगा हिंसा मामले में गुरुवार को महानगर स्थित विचार भवन स्थित स्पेशल एनआइए कोर्ट में 31 आरोपियों को वर्चुअल माध्यम से पेश कराया गया. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआइए) की ओर से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का आवेदन किया गया.

कोलकाता.

मुर्शिदाबाद के बेलडांगा हिंसा मामले में गुरुवार को महानगर स्थित विचार भवन स्थित स्पेशल एनआइए कोर्ट में 31 आरोपियों को वर्चुअल माध्यम से पेश कराया गया. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआइए) की ओर से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का आवेदन किया गया. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने एनआइए के आवेदन को स्वीकार करते हुए आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि 19 फरवरी तक बढ़ाने का आदेश दिया.

इस दिन सुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गयी और जांच अधिकारी भी मौजूद रहे. उच्च माध्यमिक की परीक्षा ड्यूटी के कारण पुलिस के लिए इस दिन भी सभी आरोपियों को शारीरिक रूप से अदालत में पेश करना संभव नहीं हो पाया था. इस कारण 31 आरोपियों को वर्चुअल माध्यम से पेश किया गया. इस दिन मामले में गिरफ्तार पांच नाबालिगों को सुनवाई में पेश नहीं किया गया.

एनआइए की ओर से अदालत में कहा गया कि मामले से जुड़े सभी अहम दस्तावेज अब तक जांच एजेंसी को प्राप्त नहीं हुए हैं. जांच अभी जारी है. ऐसे में आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखना आवश्यक है, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. इधर, सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने के कारण ही एनआइए इस मामले में सक्रिय हुई है. न्यायाधीश ने राज्य के वकील से पूछा कि क्या मामले की सुनवाई पर किसी प्रकार का स्थगन आदेश है. इस पर राज्य के वकील ने कहा कि इस संबंध में उनके पास कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. इस मामले को लेकर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

बुधवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने साफ कर दिया कि वह एनआइए जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगी. साथ ही आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम (यूएपीए) की धारा 15 लागू करने के मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए कलकत्ता हाइकोर्ट को निर्देश दिया था. अब, उक्त यूएपीए की धारा को लेकर एनआइए द्वारा कलकत्ता हाइकोर्ट में रिपोर्ट सौंपे जाने की बात है.

क्या है मामला : जनवरी के मध्य झारखंड में मुर्शिदाबाद के प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन शेख की मौत की खबर सामने आयी थी. आरोप लगा कि उन्हें बांग्लादेशी समझकर हत्या कर दी गयी. हालांकि झारखंड पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे आत्महत्या बताया. 16 जनवरी को अलाउद्दीन का शव बेलडांगा पहुंचते ही इलाके में तनाव फैल गया. स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया, टायर जलाये गये और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था. हालात को देखते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट ने कहा था कि यदि केंद्र सरकार चाहे, तो मामले की जांच एनआइए को सौंप सकती है. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच एनआइए को सौंप दिया. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >