कोलकाता. गुरुवार को न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने आदेश दिया है कि 2016 के स्कूल सर्विस कमीशन शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में दिव्यांगों के लिए कोटे के तहत नियुक्त ””””अनटेंटेड”””” शिक्षकों को फिलहाल कलकत्ता हाइकोर्ट के आदेश के बिना नौकरी से नहीं हटाया जा सकता है. कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि इस कोटे में खाली पद की संख्या अचानक क्यों कम कर दिये गये. न्यायाधीश सिन्हा ने यह आदेश गुरुवार को दिव्यांगों के लिए कोटे के तहत काम कर रहे शिक्षकों द्वारा दायर एक केस के मद्देनजर दिया. स्कूल सर्विस कमीशन ने 2016 की परीक्षा के आधार पर 96 लोगों को नियुक्त किया था. इस बीच नौ साल बाद 2025 में एसएससी ने दिव्यांगों के लिए कोटे के तहत आरक्षित खाली पदों की संख्या घटाकर 58 कर दी. यह कैसे संभव है, कमीशन और राज्य सरकार को चार सप्ताह के अंदर हलफनामा देकर बताना होगा. आवेदक को 15 दिनों में जवाब देने को कहा गया है. मामले की आगे भी सुनवाई होगी
दिव्यांग कोटे से नियुक्त शिक्षकों को हाइकोर्ट से राहत
गुरुवार को न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने आदेश दिया है कि 2016 के स्कूल सर्विस कमीशन शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में दिव्यांगों के लिए कोटे के तहत नियुक्त ''अनटेंटेड'' शिक्षकों को फिलहाल कलकत्ता हाइकोर्ट के आदेश के बिना नौकरी से नहीं हटाया जा सकता है.
