‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी से बचीं दुर्गापुर नगर निगम की प्रशासक

अपनी सूझबूझ व सजगता से दुर्गापुर नगर निगम (डीएमसी) की प्रशासक अनिंदिता मुखर्जी साइबर अपराधियों के फैलाये डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसने से बच निकलीं.

आसनसोल/दुर्गापुर. अपनी सूझबूझ व सजगता से दुर्गापुर नगर निगम (डीएमसी) की प्रशासक अनिंदिता मुखर्जी साइबर अपराधियों के फैलाये डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसने से बच निकलीं. साइबर क्राइम के शातिरों ने उन्हें कई बार कॉल करके उनके कश्मीर में आतंकियों से संबंध होने का डर दिखाया, लेकिन हर बार वे नाकाम साबित हुए. घटना को लेकर श्रीमती मुखर्जी ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की. पुलिस ने उनकी सजगता की सराहना करते हुए ऐसी कॉल को नजरअंदाज करने की सलाह दी.

क्या है पूरा मामला: श्रीमती मुखर्जी ने बताया कि दो वर्ष पहले वह अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गयी थीं और सकुशल वापस भी आ गयीं. इसी बात को आधार बनाकर उन्हें कॉल आया कि दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच से बोल रहा हूं, आप दो साल पहले कश्मीर गयी थीं, वहां से एक कुख्यात आतंकी के साथ आपका संबंध होने की बात आयी है, आपको दिल्ली क्राइम ब्रांच में आना होगा. पहले तो डर गयी, फिर कहा कि दिल्ली नहीं आ पाऊंगी, तो उनलोगों ने कहा कि ठीक है लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) में केस ट्रांसफर कर दे रहा हूं, आप वहां आकर हाजिरी दीजिए. काफी देर बहस चली, फिर फोन अपने पति व दुर्गापुर नगर निगम के पूर्व मेयर अपूर्व मुखर्जी को दे दिया. उनके साथ भी काफी देर बहस चली. फिर फोन काट दिया. तुरंत इसकी सूचना पुलिस आयुक्त (सीपी), पुलिस उपायुक्त(डीसीपी) से की गयी. उन लोगों ने कहा कि यह फ्रॉड कॉल है, इसे नजरअंदाज कर दें.

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By Akhilesh kumar singh

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