कलकत्ता और जादवपुर विवि को आज मिलेंगे नये कुलपति

जादवपुर यूनिवर्सिटी और कलकत्ता यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर बुधवार को नियुक्त किये जायेंगे.

राज्यपाल की औपचारिक मंजूरी के बाद होंगे नियुक्त कोलकाता. राज्य शिक्षा विभाग, राज्यपाल सीवी आनंद बोस, जो राज्य से सहायता प्राप्त यूनिवर्सिटी के ऑफिशियो चांसलर हैं, उनकी औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद छह राज्य सहायता प्राप्त यूनिवर्सिटी के लिए नियुक्ति आदेश जारी होंगे. जादवपुर यूनिवर्सिटी और कलकत्ता यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर बुधवार को नियुक्त किये जायेंगे. इस प्रक्रिया में आशुतोष घोष को कलकत्ता यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर बनाया जायेगा. उन्होंने इससे पहले 2017 में यूनिवर्सिटी के अंतरिम वाइस चांसलर के तौर पर काम किया था. डॉ चिरंजीब भट्टाचार्य, जो अभी वेस्ट बंगाल काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन के अध्यक्ष और जादवपुर यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रो-वाइस चांसलर हैं. वह जेयू के वाइस चांसलर का पद संभालेंगे. राज्य शिक्षा विभाग, राज्य से सहायता प्राप्त छह यूनिवर्सिटी के लिए नियुक्ति आदेश जारी कर देगा, इसकी तैयारी कर ली गयी है. इसके बाद राज्यपाल सीवी आनंद बोस, जो राज्य सहायता प्राप्त यूनिवर्सिटी के अधिकृत चांसलर हैं, उनसे औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद वह अपना पदभार संभाल लेंगे. गौरतलब है कि इन नामों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनायी गयी सर्च कमेटी ने शॉर्टलिस्ट किया था और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्राथमिकता के क्रम में तय किया था. सीएम के यहां से फिर सूची को अप्रूवल के लिए राज्यपाल को भेजा गया. छह उम्मीदवारों को सोमवार शाम को राजभवन बुलाया गया था. शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि राज्यपाल द्वारा फाइल भेजने के बाद आदेश जारी कर दिये जायेंगे, जिससे वाइस चांसलर अपनी जिम्मेदारी संभाल सकेंगे. इन नियुक्ति में सीयू, जेयू, काज़ी नज़रूल यूनिवर्सिटी, साधु रामचंद मुर्मू यूनिवर्सिटी, और विश्व बंगला यूनिलर्सिटी शामिल हैं. यहां ध्यान रहे, शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने 7 अक्तूबर को एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि हम सुप्रीम कोर्ट के आभारी हैं. संविधान और लोकतंत्र को बनाये रखने वाले एक पहरेदार की भूमिका निभाने के लिए हम तैयार हैं. सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार द्वारा छह सरकारी सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों के वीसी के रूप में पसंद किये गये नामों पर अपनी मंजूरी दे दी है. मार्च में गवर्नर के कार्यकारी वीसी को हटाने के बाद से जेयू में कोई अधिकृत वीसी नहीं है. दूसरी यूनिवर्सिटी कथित तौर पर शिक्षा विभाग से सलाह किये बिना राज्यपाल द्वारा नियुक्त अधिकृत वीसी के तहत काम कर रही हैं.

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By GANESH MAHTO

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