पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के अध्यक्ष नौशाद सिद्दीकी ने हमला बोला है. उन्होंने कहा कि है कि राज्य में माइनॉरिटीज के लिए तृणमूल सरकार ने कोई काम नहीं किया. इनके विकास के लिए सरकार गंभीर नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार अल्पसंख्यकों के फ्यूचर से खिलवाड़ कर रही है.
आवासीय वालों को निशाना न बनाया जाये – सिद्दीकी
कोलकाता में आईएसएफ के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि रेसिडेंशियल डॉक्युमेंट्स जिन लोगों के पास हैं, वैसे लोगों को एसआईआर के दौरान निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.
एसआईआर में अल्पसंख्यकों को बनाया जा रहा निशाना – नौशाद
नौशाद सिद्दीकी ने आशंका जतायी कि एसआईआर प्रॉसेस के दौरान अल्पसंख्यक समुदायों के उन सदस्यों को भी निशाना बनाया जा रहा है, जो पीढ़ियों से पश्चिम बंगाल में रह रहे हैं. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर अल्पसंख्यक कल्याण और विकास के मुद्दे पर ‘डबल स्टैंडर्ड’ अपनाने के आरोप लगाये. इतना ही नहीं, नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि सभी दलितों को राज्य में रिजर्वेशन का लाभ नहीं मिला है.
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आम वोटर्स को डराने-धमकाने की हो रही कोशिश – आईएसएफ
बंगाल विधानसभा में आईएसएफ के एकमात्र विधायक ने कहा कि एसआईआर के नाम पर आम वोटर्स को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है. लीगल डॉक्युमेंट्स रखने वाले ऐसे लोग, जो पीढ़ियों से देश में रह रहे हैं, उनको भी एसआईआर हियरिंग के लिए बुलाया जा रहा है. उनसे बेवजह कई और डॉक्युमेंट्स मांगे जा रहे हैं. नौशाद ने कहा कि अगर इसी तरह लोगों को एक्सप्लॉयट किया गया, तो आईएसएफ इसके विरोध में प्रदर्शन शुरू करेगा.
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