पश्चिम बंगाल में मानसून का प्रकोप : 14 जुलाई तक कई जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट, उमस से लोग परेशान

West Bengal Weather Forecast: पश्चिम बंगाल में सक्रिय मानसून के चलते 14 जुलाई तक दक्षिण और उत्तर बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है. भारी उमस से लोग परेशान हैं. जानें कहां सबसे अधिक बारिश हुई और राजधानी कोलकाता के मौसम का हाल.

West Bengal Weather Forecast: पश्चिम बंगाल में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के कई जिलों में आगामी 14 जुलाई तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है.

उत्तर बंगाल में मूसलाधार बारिश से राहत नहीं

मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया कि पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी (उत्तर बंगाल) जिलों में, जहां पिछले कुछ दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है, वहां 14 जुलाई तक राहत मिलने के आसार नहीं हैं और भारी बारिश जारी रहेगी.

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इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण बंगाल के निम्नलिखित जिलों में 14 जुलाई तक भारी वर्षा हो सकती है.

  1. बांकुड़ा
  2. बीरभूम
  3. पूर्व बर्द्धमान
  4. पश्चिम बर्द्धमान
  5. नदिया
  6. मुर्शिदाबाद
  7. क्षेत्र के अन्य जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है.

पुंडीबाड़ी में हुई सबसे अधिक वर्षा

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों में कूचबिहार जिले के पुंडीबाड़ी में राज्य की सबसे अधिक 89 मिलीमीटर वर्षा हुई. अन्य जगहों पर कितनी वर्षा हुई, यहां देखें.

  1. गांदरपाड़ा में 66 मिलीमीटर
  2. हासिमारा में 62 मिलीमीटर
  3. अलीपुरदुआर में 58 मिलीमीटर
  4. दार्जिलिंग में 38 मिलीमीटर
  5. दमदम (कोलकाता) में 38 मिलीमीटर
  6. चेल में 35 मिलीमीटर

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कोलकाता में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी कोलकाता के लिए आईएमडी ने सोमवार सुबह तक आमतौर पर बादल छाये रहने और एक से दो बार मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना जतायी है.

तापमान और भारी उमस ने बढ़ायी परेशानी

राज्य के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है. हालांकि, हवा में अत्यधिक सापेक्षिक आर्द्रता (Relative Humidity) के कारण लोगों को भारी उमस और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. कई क्षेत्रों में आर्द्रता का स्तर 90 प्रतिशत से अधिक रहा, जबकि बीरभूम जिले के सूरी में शनिवार को सापेक्षिक आर्द्रता 100 प्रतिशत दर्ज की गयी.

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लेखक के बारे में

Author: Mithilesh Jha

Published by: Ashish Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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