एसएससी में आरक्षित श्रेणी को लेकर हाइकोर्ट ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला

अगर किसी आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार उसी कैटेगरी के उम्मीदवारों के ”कट-ऑफ मार्क्स” से ज़्यादा नंबर लाता है, तो उसे जनरल कैटेगरी में डाल दिया जाता है.

हाइकोर्ट की न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने यह आदेश एक योग्य उम्मीदवार द्वारा दायर मामले की सुनवाई के बाद दिया

न्यायाधीश सिन्हा ने यह भी आदेश दिया कि कैंडिडेट को रिज़र्व्ड कैटेगरी के फायदे सुनिश्चित किये जायें

संवादददाता, कोलकाता

अगर किसी आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार उसी कैटेगरी के उम्मीदवारों के ””””कट-ऑफ मार्क्स”””” से ज़्यादा नंबर लाता है, तो उसे जनरल कैटेगरी में डाल दिया जाता है. कलकत्ता हाइकोर्ट ने मंगलवार को निर्देश दिया कि ऐसे उम्मीदवारों को जनरल कैटेगरी के साथ-साथ आरक्षित कैटेगरी के फायदे भी दिये जायें. हाइकोर्ट की न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने यह आदेश एक योग्य उम्मीदवार द्वारा दायर मामले की सुनवाई के बाद दिया. न्यायाधीश सिन्हा ने यह भी आदेश दिया कि कैंडिडेट को रिज़र्व्ड कैटेगरी के फायदे सुनिश्चित किये जायें. स्कूल सर्विस कमीशन के वकील कल्याण बनर्जी ने कोर्ट को बताया, “कैंडिडेट ने लेटर में यह नहीं बताया कि वह अपनी रिज़र्व्ड पोस्ट का फ़ायदा उठायेगा या नहीं. लेकिन, क्योंकि कैंडिडेट ने रिज़र्व्ड कैंडिडेट्स से बहुत ज़्यादा मार्क्स लाये हैं, इसलिए कोर्ट को उसे जनरल कैटेगरी का कैंडिडेट मानना चाहिए. लेकिन जस्टिस अमृत सिन्हा ने कहा, “जब उस कैंडिडेट ने एग्जाम के लिए अप्लाई किया, तो उसने रिज़र्व्ड कास्ट के तौर पर आवेदन किया और उसने 200 रुपये फ़ॉर्म की क़ीमत दी, जो रिज़र्व्ड कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए तय की गयी थी. जस्टिस सिन्हा ने स्कूल सर्विस कमीशन को निर्देश दिया कि वह पिटीशनर को रिज़र्वेशन के सभी खास अधिकार दे. इसके अनुसार, उसे काउंसलिंग में मिलने वाला मौका दिया जाना चाहिए.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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