हाइकोर्ट की सख्त टिप्पणीबिना सुरक्षा उपकरण काम कराना 2013 कानून का उल्लंघन
तीन महीने में मुआवजे का भुगतान करने का दिया निर्देश
संवाददाता, कोलकातारीजेंट पार्क थाना क्षेत्र के कूंदघाट में मैनहोल की सफाई के दौरान चार श्रमिकों की मौत और तीन के गंभीर रूप से घायल होने की घटना पर कलकत्ता हाइकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. शुक्रवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल और न्यायाधीश चैताली चटर्जी दास की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को मृत और घायल सभी श्रमिकों के परिवारों को मुआवजा देने का आदेश दिया. अदालत ने कहा कि श्रमिकों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मैनहोल में उतारा गया, जो 2013 के कानून का स्पष्ट उल्लंघन है. कोर्ट ने टिप्पणी की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने होंगे. बेंच ने निर्देश दिया कि चारों मृत श्रमिकों के परिजनों को तुरंत वित्तीय मुआवजा दिया जाये. साथ ही तीनों घायल मजदूरों को भी उचित मुआवजा देने का आदेश दिया गया. राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर भुगतान पूरा करना होगा. इसके अलावा हाइकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुरूप एक विशेष कमेटी बनाने का निर्देश दिया है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में मैनहोल सफाई के दौरान सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन हो. कमेटी शहरभर में इस प्रक्रिया की निगरानी करेगी. कोलकाता नगर निगम को इन सभी निर्देशों को लागू कर कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
