मोबाइल प्रयोगशालाएं बढ़ाने की योजना बना रही सरकार कोलकाता. खाद्य व पेय पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए राज्य सरकार कड़ी निगरानी रखेगी. साथ ही उचित खान-पान की आदतें विकसित करने के लिए जागरूकता अभियान पर भी जोर दिया जायेगा. इसके लिए कई योजनाएं बनायी गयी हैं. इसमें प्रत्येक जिले में खाद्य प्रयोगशालाएं स्थापित करने तथा मोबाइल प्रयोगशालाओं का अधिकाधिक उपयोग करना शामिल है. राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत की अध्यक्षता में शुक्रवार को नबान्न में खाद्य सुरक्षा पर राज्यस्तरीय सलाहकार समिति की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के साथ-साथ कई संबंधित केंद्रीय एजेंसियां भी उपस्थित थीं. गुणवत्तापूर्ण भोजन के मामले में बंगाल देश में पांचवें स्थान पर है. बंगाल सरकार इस मामले में भी राज्य को शीर्ष पर ले जाना चाहती है. इसके लिए क्या व्यवस्थाएं की जानी चाहिए, इसकी रूपरेखा आज की बैठक में तय की गयी. सूत्रों के अनुसार, इसके लिए कई व्यवस्थाएं करने का आदेश दिया गया है. इसमें मुख्यतः दो बातें शामिल हैं, जिसमें से एक है कड़ी निगरानी, ताकि भोजन और पेय पदार्थों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो. लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया. राज्य सरकार निगरानी के लिए प्रशासनिक बुनियादी ढांचे का पूर्ण उपयोग करेगी. खाद्य एवं पेय पदार्थ परीक्षण प्रणाली को अधिक तीव्र एवं व्यापक बनाने के लिए मोबाइल प्रयोगशालाओं को अधिक गतिशील बनाया जायेगा. राज्य में लगभग 30 चलती-फिरती (मोबाइल) प्रयोगशालाएं हैं. साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अलावा पशु संसाधन विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग जैसे विभाग भी अपनी प्रयोगशालाओं का उपयोग करेंगे. उस प्रयोगशाला में खाद्य एवं पेय पदार्थों का परीक्षण जिलावार किया जायेगा. भोजन की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए सख्त प्रशासनिक कदम उठाये जायेंगे. वहीं, जागरूकता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जायेगा ताकि खान-पान की बदली आदतों से शरीर में कोई समस्या न पैदा हो. यह अभियान स्वच्छता पर जोर देते हुए जारी रहेगा. अभियान में यह भी बताया जाएगा कि ऑनलाइन भोजन वितरण और क्लाउड किचन जैसी प्रणालियों में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता कैसे बनाये रखी जाये. बैठक में केंद्रीय एजेंसी भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे. एफएसएसएआइ का पूर्वी क्षेत्रीय कार्यालय भी कोलकाता में है. सारा काम इस संगठन के समन्वय से किया जाता है. बताया गया है कि आज की बैठक में खाद्य एवं पेय व्यवसायों के लिए प्रमाण-पत्र शीघ्रता से कैसे प्राप्त किए जाये, इस पर भी विस्तृत चर्चा हुई.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
