रेल इंजन से डीजल चोरी करनेवाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

आरपीएफ के सीआइबी व पाकुड़ आरपीएफ का संयुक्त अभियान

आरोपियों के पास से 1.5 लाख का डीजल बरामद

कोलकाता. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच (सीआइबी) और पाकुड़ आरपीएफ की एक संयुक्त कार्रवाई में रेलवे इंजन से डीजल चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. इस अभियान में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 1,56,000 रुपये कीमत का 1950 लीटर एचएसडी (हाई स्पीड डीजल), 32 कंटेनर और चार पाइप बरामद किये गये हैं. चोरों ने इतने शातिर ढंग से वारदात को अंजाम दिया कि मालगाड़ी के इंजन में बैठे चालक दल को इसकी भनक तक नहीं लगी और वे 1950 लीटर डीजल कंटेनरों में भरकर फरार हो गए. घटना की सूचना मिलने के बाद बर्दवान सीआइबी और पाकुड़ आरपीएफ की संयुक्त टीम ने 18 जुलाई को कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया. आरोपियों की पहचान झारखंड के साहेबगंज जिले के कोटालपोखर थाना अंतर्गत चकपाड़ा इलाके के रहने वाले सफीकुल इस्लाम उर्फ सौफिक, एनाउल उर्फ एना और जियाउल उर्फ इकरामुल के रूप में हुई है. मुख्य आरोपी सफीकुल को साहेबगंज के बरहरवा थाना अंतर्गत किशन-2 ईंट भट्ठा के पास से पकड़ा गया. उससे पूछताछ के बाद एनाउल को भी गिरफ्तार किया गया. दोनों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्होंने चोरी किया गया तेल दरियापुर इलाके में रहने वाले शेख जियाउल को बेचा था. इसके बाद सीआइबी टीम ने जियाउल को भी दबोच लिया. आरपीएफ ने जियाउल के घर और गोदाम पर छापा मारकर चोरी का सामान बरामद किया. आरोपियों ने 1950 लीटर डीजल चोरी करने के बाद उसे 30-32 प्लास्टिक के कंटेनरों में छिपाया था. गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी में इस्तेमाल हुए डीजल कंटेनर और पाइप बरामद किये गये. रेलवे इंजन से चुराया गया डीजल तेल चकपारा गांव के पास एक खेत में छुपाया गया था. वहां से पीले और नीले रंग के प्लास्टिक पाइप बरामद हुए, जिनका इस्तेमाल इंजन से डीजल निकालकर कंटेनर में भरने के लिए किया जाता था. जियाउल की निशानदेही पर मालपाड़ा नदी के पास कंकजोल नामक स्थान पर भी छापा मारा गया, जहां से छह नीले रंग के प्लास्टिक के कंटेनरों में 420 लीटर डीजल बरामद किया गया. जियाउल ने बताया कि शेष डीजल नदी के बहाव में बह गया होगा. तीनों आरोपियों को 19 जुलाई को आरजेएस साहिबगंज में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें दो दिनों की आरपीएफ हिरासत रिमांड पर रखने का आदेश दिया. रिमांड अवधि के दौरान, आरोपी एनाउल के खुलासे के आधार पर गुमानी स्टेशन के आसपास के इलाकों में भी छापेमारी की गयी. इस कार्रवाई में पाकुड़ आरपीएफ पोस्ट के इंस्पेक्टर एसके सिंह (ई.ओ), एसआइ संतोष कुमार, कांस्टेबल अनूप कुमार और चंदन कुमार, आरपीएफ सीआइबी बर्दवान के एएसआइ प्रकाश नारायण, कांस्टेबल दिनेश कुमार की संयुक्त टीम शामिल थी. आरपीएफ (पूर्व रेलवे) के आइजी सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिय नंदन सिन्हा ने बताया कि गुमानी स्टेशन पर एक मालगाड़ी से तेल चोरी की जानकारी मिलते ही सीआइबी और आरपीएफ की टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया. अभी तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और शेष आरोपियों की तलाश जारी है.

क्या है मामला

यह घटना 10 जुलाई की है, जब एक मालगाड़ी मालदा स्टेशन से रवाना होकर गुमानी स्टेशन पहुंची थी. गुमानी स्टेशन पर ड्यूटी चेंज होनी थी, इसलिए ट्रेन के चालक ने जब इंजन का फ्यूल चेक किया, तो उसमें 1950 लीटर डीजल कम पाया. चालक दल ने तुरंत इसकी शिकायत कंट्रोल को की. जब ट्रेन मालदा स्टेशन से चली थी, तब उसमें 5,000 लीटर डीजल था. लेकिन गुमानी स्टेशन पर जब फ्यूल चेक किया गया, तो मालदाह से गुमानी तक के रास्ते में खपत हुए 400 लीटर इंजन के अलावा 1950 लीटर डीजल गायब था. गुमानी स्टेशन मास्टर ने घटना की जानकारी हावड़ा कंट्रोल को दी, जिसके बाद यह मामला हावड़ा आरपीएफ के पास आया. घटना की जांच का जिम्मा क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच और पाकुड़ आरपीएफ को सौंपा गया.

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Published by: Ganesh mahto

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