कुलदीप राय शर्मा और मुरुगन को 17 सितंबर 2025 को किया गया था गिरफ्तार
संजय लाल की एक महीने बाद हुई थी गिरफ्तारी
संवाददाता, कोलकाताकलकत्ता हाइकोर्ट ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से पूर्व सांसद और अंडमान निकोबार स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (एएनएससीबीएल) के पूर्व चेयरमैन कुलदीप राय शर्मा व सह आरोपी संजय लाल की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं. वहीं, न्यायमूर्ति अपूर्वा सिन्हा राय की एकल पीठ ने बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक के मुरुगन को स्वास्थ्य कारणों से जमानत दे दी.
यह आदेश एक आपराधिक याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जहां प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने अपराध की गंभीरता और चल रही जांच का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया. कुलदीप राय शर्मा और मुरुगन को 17 सितंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि संजय लाल को एक माह बाद प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया.इस घोटाले की जांच अंडमान और निकोबार पुलिस की अपराध व आर्थिक अपराध शाखा द्वारा 15 मई 2025 को दर्ज एफआइआर से शुरू हुई थी. यह एफआइआर सहकारिता विभाग के उप पंजीयक की शिकायत पर दर्ज की गयी, जिसमें बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था.
इसके बाद, 31 जुलाई 2025 को इडी ने अंडमान में व्यापक तलाशी अभियान चलाया और अलग से मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की. प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सामने आया कि घोटाले के तहत 100 से अधिक शेल कंपनियों और फर्जी फर्मों के नाम पर खाते खोल कर 500 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी ऋण स्वीकृत किये गये.इडी के अनुसार, इनमें से 230 करोड़ राशि कुलदीप राय शर्मा और उनके करीबी सहयोगियों – जिनमें बैंक के प्रबंध निदेशक और ऋण अधिकारी भी शामिल हैं, के लाभ के लिए गबन की गयी. हाइकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किये जाने के बाद कुलदीप राय शर्मा और संजय लाल फिलहाल हिरासत में ही रहेंगे. अदालत ने के मुरुगन को केवल स्वास्थ्य आधार पर राहत दी है, जो मामले के गुण-दोषों पर आधारित नहीं है.
