संवाददाता, कोलकाता
सारा बांग्ला फायरवर्क्स उन्नयन समिति ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिख कर राज्य में बड़ी आग की घटना व विस्फोट की आशंका जतायी है. मंगलवार को लिखे पत्र में प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की गयी है. समिति के चेयरमैन बाबला राय ने कहा कि एनवायरमेंटल फ्रेंडली पटाखों की ट्रेनिंग की आड़ में दक्षिण 24 परगना के बजबाज इलाके में कोल्ड पायरो नाम के कुछ गैर-कानूनी और खतरनाक पटाखे बनाना सिखाया जा रहा है. यह उत्पाद पटाखों की श्रेणी में नहीं आता है. इन्हें बनाने में नाइट्रोसेल्यूलोज और एमिलियम परक्लोरेट जैसे हाइ-रिस्क केमिकल्स का इस्तेमाल होता है.
यह भी कहा गया है कि ये सभी केमिकल्स पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन से स्वीकृत नहीं हैं और इन पर बैन लगा हुआ है. पत्र में यह भी कहा गया है कि बिना लाइसेंस और बिना ट्रेनिंग वाले लोगों को इसका प्रशिक्षण दिया गया, तो स्थिति प्रशासन के नियंत्रण से बाहर हो सकती है. इसके नतीजे में भयानक हादसे और जान-माल का नुकसान हो सकता है.
समिति ने बारुईपुर में लगी आग का भी जिक्र किया है. उनका दावा है कि उस हादसे में घटिया, बिना इजाजत और बैन कच्चे माल के इस्तेमाल से कई जानें गयीं. हादसों को रोकने के लिए यह मांग की गयी है कि पटाखा बनाने वालीं कंपनियां वन व पर्यावरण मंत्रालय और नेशनल एक्रीडिएशन बोर्ड ऑफ टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज से मंजूर कच्चे माल की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट और उससे जुड़े उपकरण को संभालकर रखना अनिवार्य किया जाये.
समिति का मानना है कि इससे हादसे के बाद असली वजह का पता लगाना आसान हो जायेगा. पत्र में यह भी कहा गया है कि इस समय बाजार में कई तरह के केमिकल बिना किसी निगरानी के बेचे जा रहे हैं. अगर केमिकल की यह खुली बिक्री नहीं रोकी गयी, तो एक तरफ गैर-कानूनी गतिविधियां बढ़ेंगी और दूसरी तरफ राज्य का वैध पटाखा उद्योग पर इसका असर पड़ेगा. समिति ने तुरंत और सख्त कार्रवाई की अपील की है. पत्र की एक प्रति मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को भी भेजी गयी है.