अगर ‘आजादी’ कहेंगे तो केस होगा, ‘कश्मीर मांगे आजादी’ कहेंगे तो गिरफ्तारी होगी : शुभेंदु अधिकारी

Suvendu Adhikari on Jadavpur University: जादवपुर यूनिवर्सिटी में 'आजादी' के नारों और 'लाल सलाम किशनजी' म्यूरल पर राजनीति तेज हो गयी है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस पर नाराजगी जाहिर की है. साथ ही चेतावनी भी दी है. जानें मुख्यमंत्री ने क्या कहा है.

Suvendu Adhikari on Jadavpur University: जादवपुर यूनिवर्सिटी में ‘आजादी’ के नारे और ‘लाल सलाम किशनजी’ वाले म्यूरल पर राजनीति गरमा गयी है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने ‘आजादी’ के नारे और माओवादी नेता किशनजी के सम्मान में ‘लाल सलाम किशनजी’ लिखे जाने पर सवाल उठाया. बंगाल के चीफ मिनिस्टर ने साफ कहा कि आप इंकलाब जिंदाबाद कहिए. कोई आपत्ति नहीं है. अगर आप ‘आजादी’ कहेंगे तो केस दर्ज होगा. अगर कोई बंगाल में ‘कश्मीर मांगे आजादी’ कहेगा, तो उसकी गिरफ्तारी होगी.

‘देश को बांटने वालों को घर के कचरे की तरह साफ कर दें’

भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में रक्षा बंधन के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुभेंदु ने देशभक्ति, स्वतंत्रता संग्राम में पश्चिम बंगाल के योगदान और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का उल्लेख किया. उन्होंने देश को बांटने की साजिश करने वालों पर भी निशाना साधा. सीएम ने कहा कि ऐसे तत्वों को ‘घर के कचरे की तरह साफ’ कर देना चाहिए.

भवानीपुर में मृदंग बजाते शुभेंदु अधिकारी और जादवपुर विश्वविद्यालय में तिरंगा झंडे के साथ बंगाल के चीफ मिनिस्टर.
रक्षा बंधन का धार्मिक महत्व है. इस दिन भाई-बहन के रिश्ते का जश्न मनाया जाता है. लेकिन इस त्योहार के साथ देशभक्ति भी जुड़ गयी है. -शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

सेना के जवान बाहरी दुश्मनों से निपटेंगे : सीएम

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सशस्त्र बल भारत के बाहरी दुश्मनों से निपटेंगे, लेकिन देश के भीतर भी कुछ लोग इसके हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा- देश के बाहर जो दुश्मन हैं, उन्होंने हमारी ताकत देख ली है. उन्हें आगे भी हम अपनी ताकत दिखाते रहेंगे. हमें यह भी संकल्प लेना चाहिए कि जो देश के भीतर से देशभक्ति, राष्ट्रवाद, वंदे मातरम् और जन गण मन पर हमला करते हैं, उन्हें घर के कचरे की तरह साफ कर देंगे.

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‘कोलकाता की सड़कों पर ‘आजादी’ के नारे से पीड़ा होती है’

मुख्यमंत्री ने कहा- जब मैं कोलकाता की सड़कों पर ‘आजादी’ के नारे देखता हूं, तो मुझे पीड़ा होती है. यह आजादी किसलिए है? हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, नेताजी के संघर्ष और मातंगिनी हाजरा के बलिदान को याद करना चाहिए. भारत 1947 में आजाद हुआ.

कोलकाता में क्यों लग रहे कश्मीर से जुड़े नारे : शुभेंदु

शुभेंदु अधिकारी ने विशेष रूप से जादवपुर विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए सवाल किया कि वहां और कोलकाता की सड़कों पर कश्मीर से जुड़े नारे क्यों लगाये जा रहे हैं. उन्होंने विश्वविद्यालय के कला विभाग की दीवारों पर ‘लाल सलाम किशनजी’ भित्तिचित्र पर भी सवाल उठाया.

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सेंटर ऑफ एक्सलेंस है जादवपुर यूनिवर्सिटी : सीएम

शुभेंदु ने पिछले सप्ताह विश्वविद्यालय में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा- जादवपुर यूनिवर्सिटी उत्कृष्टता का केंद्र है. कश्मीर की वजह से पाकिस्तान के साथ हमारे कई युद्ध हो चुके हैं. बहुत से संघर्ष हुए हैं. फिर कोलकाता की सड़कों पर ‘कश्मीर मांगे आजादी’ क्यों लिखा जायेगा? यह पीड़ादायक है.

शुभेंदु ने पूछा- नयी पीढ़ी को क्या सिखा रहे हैं?

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने कहा- जादवपुर की दीवारों पर ‘लाल सलाम किशनजी’ लिखा देखकर मुझे दुख होता है. आप नयी पीढ़ी को क्या सिखा रहे हैं? यह किशनजी कौन है? वही व्यक्ति, जिसने देश के विभाजन की मांग की थी. किशनजी, जिसने संविधान को स्वीकार नहीं किया.

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मुठभेड़ में मारा गया था कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी

किशनजी के नाम से चर्चित कोटेश्वर राव वरिष्ठ माओवादी नेता था. नवंबर 2011 में पुलिस के साथ मुठभेड़ में उसकी मौत हो गयी थी. यह घटना पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के कुछ महीने बाद हुई थी.

वंदे मातरम् का विरोध क्यों : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम में कहा था- इंकलाब जिंदाबाद कहिए, लेकिन अगर ‘आजादी’ कहेंगे, तो मामला दर्ज होगा. अगर ‘कश्मीर मांगे आजादी’ कहेंगे तो गिरफ्तारी होगी. उन्होंने पूछा कि विपक्ष ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण का विरोध क्यों कर रहा है. वंदे मातरम किसी राजनीतिक नेता ने नहीं लिखा था. इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था. इसमें आपत्ति क्या है?

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बंगाल के सभी स्कूलों में एनसीसी शुरू करेंगे : सीएम

मुख्यमंत्री ने बंगाल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया. उन्होंने श्री चैतन्य, रामकृष्ण परमहंस और रानी रासमणि का जिक्र किया. सीएम ने कहा कि उनकी सरकार उस संस्कृति को बहाल करने का प्रयास कर रही है, जिसे बंगाल ने खो दिया है. उन्होंने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल के सभी स्कूल और कॉलेज में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) शुरू करने के प्रयास किये जा रहे हैं.


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