तृणमूल के शिक्षक नेता शेख सिराजुल के खिलाफ दर्ज करें प्राथमिकी : कोर्ट

इस सप्ताह बुधवार को खंडपीठ ने उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया था.

हाइकोर्ट की खंडपीठ ने बर्खास्त करने के आदेश को बदला, शिक्षक को निलंबित करने का दिया आदेश कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा की खंडपीठ ने हावड़ा के तृणमूल शिक्षक नेता शेख सिराजुल को नौकरी से बर्खास्त करने के आदेश में अस्थायी रूप से बदलाव किया है. इस सप्ताह बुधवार को खंडपीठ ने उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया था. शुक्रवार को खंडपीठ ने उस आदेश में संशोधन करते हुए शिक्षक नेता को निलंबित कर दिया. अदालत के अनुसार, चूंकि मामला अभी भी न्यायमूर्ति विश्वजीत बसु की अदालत में लंबित है. इसलिए, खंडपीठ ने पिछले फैसले को रद्द कर दिया. अदालत ने कहा कि एकल पीठ यह तय करेगी कि शेख सिराजुल को बर्खास्त किया जायेगा या नहीं. वहीं, शुक्रवार को ही हाइकोर्ट की एकल पीठ के न्यायमूर्ति विश्वजीत बसु ने सिराजुल इसलाम के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया था. हालांकि, उन्होंने बर्खास्तगी का आदेश नहीं दिया. न्यायाधीश विश्वजीत बसु ने हावड़ा में तृणमूल शिक्षक नेता सिराजुल इस्लाम को पूछताछ के लिए तत्काल हिरासत में लेने का आदेश दिया है. कथित तौर पर उसने चोरी करके नौकरी हासिल की थी. शुक्रवार को न्यायमूर्ति विश्वजीत बसु ने सीआइडी से कहा : उस शिक्षक नेता को शुक्रवार को ही गिरफ्तार कर पूछताछ करें. यदि शिक्षक नेता दोबारा स्कूल में दिखे तो अदालत सख्त कार्रवाई करेगी. मामले की अगली सुनवाई नौ अप्रैल को होगी और उस दिन सीआइडी को जांच की प्रगति पर अदालत को रिपोर्ट सौंपनी होगी.

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Published by: Ganesh mahto

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