पेड़ खतरे में, पर्यावरणविद ने मेयर फिरहाद को लिखा पत्र

नव दत्ता ने यह पत्र सबुज मंच की तरफ से मेयर को ई-मेल से भेजा है

कोलकाता. कभी पीने का पानी के लिए, तो कभी मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग बनाने के लिए अलग-अलग वजहों से बड़े-बड़े पेड़ बिना सोचे-समझे काटे जा रहे हैं. आरोप है कि देश के सभी शहरों के मुकाबले कोलकाता में सबसे पेड़ों की ना केवल कटाई हो रही है, बल्कि लापरवाही भी बरती जा रही है. इस वजह से शहर में हरियाली खतरे में है. ऐसे में एनवायरनमेंटल एक्टिविस्ट ने अब कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम को पत्र लिख कर पेड़ों की कटाई रोकने और हरियाली बढ़ाने की अपील की है.

नव दत्ता ने यह पत्र सबुज मंच की तरफ से मेयर को ई-मेल से भेजा है. पत्र में लिखा गया है कि कोलकाता के पेड़ खतरे में हैं. उन्होंने इंडियन स्टेट ऑफ द फॉरेस्ट रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि कोलकाता ””””फॉरेस्ट कवर”””” के मामले में भारत के अन्य सभी बड़े शहरों से पीछे है. ऐसे में पेड़ों और आम तौर पर ग्रीन स्पेस को बचाने के बारे में सावधान रहना जरूरी है, लेकिन हरियाली बचाने के बारे में सावधान रहना तो दूर, हरियाली लगातार खत्म हो रही है.

एनवायरनमेंटल एक्टिविस्ट नव दत्ता ने कहा, पिछले साल अगस्त के दूसरे हफ्ते में वार्ड नंबर 101 में पटुली बाईपास कनेक्टर पर केके दास कॉलेज के सामने चार बड़े पेड़ काट दिये गये थे. इनमें बकुल और चंदन के पेड़ थे. इससे पहले 106 नंबर वार्ड में भी पेड़ काटे गये हैं. उन्होंने आगे कहा- 2024 की शुरुआत से पाटुली के अलग-अलग जगहों पर एक के बाद एक पेड़ काटे गये हैं. कुल 15-16 पेड़ काटे गये हैं. यह सब लोकल पुलिस स्टेशन (पटुली) से कुछ सौ मीटर के भीतर हुआ है. हमने लोकल पुलिस स्टेशन को जानकारी दी थी.

कोलकाता में पिछले कुछ वर्षों में जितने भी पेड़ काटे गये उन सब की जानकारी नव दत्ता ने मेयर को पत्र के जरिए दी है. उन्होंने पेड़ों को बचाने के लिए मेयर से अपील की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >