महिलाओं की जान बचाने पर दिया जा रहा विशेष जोर

इस पब्लिक फोरम का नेतृत्व बीओजीएस के अध्यक्ष डॉ एमएम सामसुज्जोहा और मानद सचिव डॉ तुलिका झा ने किया.

बीओजीएसकॉन 49 में जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा कोलकाता. महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए द बंगाल ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी (बीओजीएस) ने अपने 49वें वार्षिक सम्मेलन बीओजीएसकॉन 49 के दौरान महिलाओं की जान बचाने और जागरूकता विषय पर विशेष सम्मेलन आयोजित किया. यह सम्मेलन 19 से 21 दिसंबर तक चला. इस पब्लिक फोरम का नेतृत्व बीओजीएस के अध्यक्ष डॉ एमएम सामसुज्जोहा और मानद सचिव डॉ तुलिका झा ने किया. सम्मेलन में चिकित्सकों ने महिलाओं, विशेषकर वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए संगठन की निरंतर पहलों पर प्रकाश डाला. फोरम में प्रख्यात चिकित्सकों के साथ-साथ शिक्षा, नागरिक समाज और संस्कृति के कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व भी शामिल हुए. चर्चा का केंद्र था महिलाओं को प्रभावित करने वाली जानलेवा बीमारियों की रोकथाम, प्रजनन एवं निवारक स्वास्थ्य में जागरूकता तथा महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सूचित निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाना. बीओजीएस के अध्यक्ष डॉ एमएम सामसुज्जोहा ने कहा, ‘महिलाओं की जान बचाने के लिए केवल चिकित्सा उपचार ही नहीं, बल्कि समय पर जांच, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है.’ मानद सचिव डॉ तुलिका झा ने कहा, “महिलाओं का स्वास्थ्य सामाजिक सशक्तीकरण से गहराई से जुड़ा है. ऐसे मंच समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होते हैं. ” बीओजीएसकॉन 49 में राज्य और देशभर से 1,200 से अधिक स्त्री रोग विशेषज्ञ ने भाग लिया. सम्मेलन के दौरान यह भी बताया गया कि 90 वर्षों के कार्यकाल में बीओजीएस द्वारा अब तक 800 निःशुल्क सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण, 700 एनीमिया जांच, 500 सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग और 100 स्तन कैंसर जांच कर महिलाओं के स्वास्थ्य को सुदृढ़ किया गया है.

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Author: GANESH MAHTO

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