चुनाव के आंकड़े मुंहजुबानी याद रखनी होगी

भाजपा के केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक ने पार्टी नेताओं को दिया निर्देश

भाजपा के केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक ने पार्टी नेताओं को दिया निर्देश

बंगाल के लिए केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक भूपेंद्र यादव ने पार्टी नेताओं के साथ की बैठक

कोलकाता. भाजपा ने अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. पार्टी के नेता चुनावी रणनीति तैयार करने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं. शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी के केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक व केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को सॉल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय में पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ उच्च स्तरीय बैठक की. प्रदेश भाजपा के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षण भूपेंद्र यादव ने पार्टी नेताओं से कहा कि सभी पार्टी नेताओं को उनके चुनाव क्षेत्र व राज्य के चुनाव संबंधी आंकड़ें याद रखने होंगे. ऐसा ना हो कि कोई नोटबुक देख कर या मोबाइल के सहारे आंकड़ें पेश किये जायें. सूत्रों के अनुसार, राज्य व जिला स्तर के पार्टी नेताओं को मतदाताओं की संख्या, मतदान के आंकड़े, महिला मतदाताओं और अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या और वहां भाजपा को मिले वोटों का प्रतिशत याद रखना होगा. जब वे किसी सभा या बैठक को संबोधित कर रहे हों तो उन्हें आंकड़ों को ऐसे रखना होगा, जैसे कि वह पूरी तरह उन्हें याद हो.

जानकारी के अनुसार, केंद्रीय नेताओं ने शुक्रवार को बैठक के दौरान कहा कि बंगाल भाजपा के ज्यादातर नेता अपने फोन पर निर्भर हैं. सारी जानकारी उनके मोबाइल फोन पर रहती है. वह चुनावी टीम में ऐसे प्रतिभाशाली नेता देखना चाहते हैं, जो अपना होमवर्क करते हों.

जानकारी के अनुसार, श्री यादव ने शुक्रवार को कोलकाता और आसपास के संगठनात्मक जिलों के भाजपा नेताओं के साथ बैठक की. इसके बाद, तारापीठ में भी उनके नेतृत्व में एक बैठक होने वाली है.

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में एसआइआर की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. इसे लेकर बंगाल भाजपा के भीतर उम्मीदें और आशंकाएं दोनों हैं. भाजपा के एक वर्ग को लगता है कि अगर एसआइआर सही ढंग से हो जाये, तो भाजपा को फायदा होगा. वहीं, दूसरे वर्ग को डर है कि अगर एसआइआर सही ढंग से नहीं हुआ, तो फायदे उलटे पड़ सकते हैं. बूथ-केंद्रित मतदाता सूची मैपिंग और एसआइआर प्रक्रिया के लिए मतदाता जानकारी बेहद जरूरी है. अगर नेताओं को छोटी-छोटी जानकारी के लिए मोबाइल फोन से जूझना पड़ेगा, तो एसआइआर जैसी बड़ी प्रक्रिया में उन्हें परेशानी उठानी पड़ेगी. इसलिए केंद्रीय नेतृत्व ने पार्टी नेताओं को सभी आंकड़ें याद रखने के लिए कहा है.

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Published by: Sandip tiwari

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