रोज वैली की जब्त संपत्ति मुक्त कराने की कवायद

चिटफंड कंपनी रोज वैली की जब्त संपत्तियां विभिन्न राज्यों में दखल हो रही हैं.

बंगाल समेत नौ राज्यों को इडी व रोज वैली एसेट डिस्पोजल कमेटी ने भेजा पत्र

दखल मुक्त कराने के लिए किया गया आवेदन

संवाददाता, कोलकाताचिटफंड कंपनी रोज वैली की जब्त संपत्तियां विभिन्न राज्यों में दखल हो रही हैं. इसे लेकर प्रवर्तन निदेशालय (इडी) के अलावा रोज वैली एसेट डिस्पोजल कमेटी ने संयुक्त रूप से इन संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र भेजा है. सूत्र बताते हैं कि बंगाल समेत नौ और राज्यों से संपर्क किया गया है. एजेंसी व रोज वैली एसेट डिस्पोजल कमेटी ने बंगाल समेत इन नौ राज्यों के मुख्य सचिवों, भूमि व भूमि राजस्व विभाग के प्रधान सचिव, राज्य पुलिस के डीजी और आइजी को पत्र लिखा है. उनकी अपील है कि रोज वैली की संपत्ति जल्द से जल्द बेचने के लिए दखल मुक्त कराया जाये, जिससे निवेशकों का पैसा वापस किया जा सके. रोज वैली चिटफंड में पैसा लगा कर लाखों लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है. कमेटी पहले ही लगभग तीन दर्जन चिटफंड संपत्तियों को बेचकर निवेशकों को उनके पैसे वापस दिलवा चुकी है. लेकिन, हाल ही में उनके संज्ञान में आया कि बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे नौ राज्यों में चिटफंड कंपनी की संपत्तियां जब्त की गयी हैं. इडी ने अब इसे रोकने के लिए पत्र लिखा है.

चिटफंड कंपनी की संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए गठित की गयी कमेटी

कमेटी का गठन रोज वैली की संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए किया गया है. इसके अलावा, पहले से कब्जे सभी संपत्तियों को खाली करने का भी अनुरोध किया गया है. कमेटी आने वाले दिनों में इन सभी संपत्तियों को बेचकर जमाकर्ताओं को पैसा लौटाने की योजना बना रही है. समिति के अधिकारियों ने बताया कि इसकी प्रक्रिया शुरू हो गयी है.

बंगाल, बिहार, झारखंड समेत इन नौ राज्यों में हैं जब्त की गयीं संपत्तियां

इडी सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, ओडिशा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और त्रिपुरा समेत नौ राज्यों में जब्त की गयीं अधिकांश संपत्तियां दखल कर ली गयी हैं. यही कारण है कि इडी ने न केवल इस सप्ताह के प्रारंभ में, बल्कि राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर उनसे कहा कि वे जब्त की गयीं संपत्तियों को तुरंत मुक्त करा दें, जो अभी भी उनके कब्जे में हैं और उन्हें इडी को सौंप दें. इस संबंध में इन राज्यों की सरकारों को कार्रवाई करने को कहा गया है.

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By Akhilesh kumar singh

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