खास बातें
ED at Abhishek Banerjee Residence: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी ऐतिहासिक उथल-पुथल और तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत के बीच, केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम बुधवार को अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची. प्रवर्तन निदेशालय की स्पेशल टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF) के साथ अचानक कालीघाट इलाके में स्थित अभिषेक बनर्जी के निजी आवास गयी. शिक्षक भर्ती घोटाला (Teachers Recruitment Scam) मामले में उन्हें नोटिस थमाया.
कालीघाट की घेराबंदी शुरू
केंद्रीय जांच एजेंसी की गाड़ियों का काफिला जैसे ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर रुका, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. टीएमसी के बचे-खुचे कार्यकर्ता और नेता तुरंत मौके पर जुटने लगे, लेकिन भारी संख्या में तैनात सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों ने पूरे आवास को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया.
ईडी को मिले थे इनपुट्स- भागने की फिराक में हैं अभिषेक
केंद्रीय जांच एजेंसी को इस बात के पुख्ता इनपुट मिले थे कि राज्य में मचे सांगठनिक संकट और पार्षदों-विधायकों के लगातार हो रहे दलबदल के बीच अभिषेक बनर्जी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए राज्य या देश से बाहर भागने की योजना बना रहे हैं. इसके बाद एजेंसी ने तुरंत उनके घर पहुंचकर समन थमाने का फैसला किया.
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शिक्षक भर्ती घोटाला और ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ का वो सीक्रेट
जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तार टीएमसी नेताओं (पार्थ चटर्जी और कुंतल घोष जैसे नेता) से पूछताछ और हाल ही में जब्त किये गये डिजिटल दस्तावेजों से कुछ नये बैंक खातों और शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) का पता चला है. इन कंपनियों के जरिये गरीब युवाओं से नौकरी के नाम पर वसूले गये करोड़ों रुपए को सफेद किया गया था.
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लीप्स एंड बाउंड्स कंपनी पर शिकंजा
इस घोटाले की मुख्य कड़ियां लीप्स एंड बाउंड्स (Leaps and Bounds) नाम की कंपनी से जुड़ी हैं, जिसमें अभिषेक बनर्जी ऊंचे पद पर रह चुके हैं. इस कंपनी के वित्तीय लेन-देन और भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपियों के बीच हुए सीधे आर्थिक समझौतों को लेकर अभिषेक से एजेंसी कड़े सवाल-जवाब करने वाली है.
ED at Abhishek Banerjee Residence: ममता को लगा तीसरा महा-झटका
बुधवार का दिन ममता बनर्जी और उनके परिवार के लिए किसी ‘कयामत’ से कम नहीं रहा. सुबह से शाम तक टीएमसी के पैर उखड़ते चले गये. सुबह में रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 58 बागी विधायकों ने अलग गुट बनाने का दावा ठोका और ममता बनर्जी ने खुद पूरी राज्य कमेटियां भंग कर दीं. दोपहर को मेयर फिरहाद हकीम ने इस्तीफा दे दिया. शाम होते-होते ममता के ‘वारिस’ अभिषेक बनर्जी के घर प्रवर्तन निदेशालय की दस्तक ने पार्टी सुप्रीमो को बेहद परेशान कर दिया.
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