डिजिटल अरेस्ट का डर दिखा कर करोड़ों की ठगी के मामले की जांच में जुटी इडी
डिजिटल अरेस्ट, पार्सल स्कैम, फर्जी सीबीआइ अधिकारी आदि बनकर झांसा देने समेत कई तरह से साइबर धोखाधड़ी के जरिये करीब 180 करोड़ रुपये की ठगी मामले की जांच में जुट गया है.
संवाददाता, कोलकाता
प्रवर्तन निदेशालय (इडी) देशभर में डिजिटल अरेस्ट, पार्सल स्कैम, फर्जी सीबीआइ अधिकारी आदि बनकर झांसा देने समेत कई तरह से साइबर धोखाधड़ी के जरिये करीब 180 करोड़ रुपये की ठगी मामले की जांच में जुट गया है.
इडी इस मामले के मास्टरमाइंड माने जानेवाले चिराग कपूर और योगेश दुआ से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाना चाहती है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेने के लिए यहां स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में आवेदन भी किया है. इस मामले की जांच कर रही कोलकाता पुलिस के साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने चिराग को जनवरी में बेंगलुरु व योगेश को नयी दिल्ली से गिरफ्तार किया था. करोड़ों रुपये के साइबर ठगी करने वाले इस गिरोह के सदस्यों पर देशभर में करीब 930 मामले दर्ज हैं. पुलिस ने अब तक गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. उनके ठिकानों से दर्जनों बैंक खाते, पासबुक, राउटर व इलेक्ट्राॅनिक उपकरण जब्त भी किये गये. गत वर्ष 17 जून महानगर की निवासी देवेशी दत्ता ने करीब 47 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत कोलकाता पुलिस के साइबर क्राइम थाने में दर्ज करायी थी. जांच के बाद साइबर क्राइम थाने के अधिकारियों ने पहले आनंदपुर, पाटुली और नरेंद्रपुर में छापामारी कर गिरोह के कुल 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया था.
उस समय 104 पासबुक, 140 सिम कार्ड, 40 सील सहित अन्य दस्तावेज बरामद किये गये थे. आरोपियों से पूछताछ के बाद चिराग और योगेश के नाम का पता चला था.
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