मोदी सरकार ने जिन्हें दी नागरिकता, फिर भी वोटर लिस्ट में नाम नहीं, तृणमूल ने उठाया मुद्दा

SIR in Bengal: तृणमूल कांग्रेस पार्टी की प्रमुख ममता बनर्जी एसआईआर मुद्दे पर पहले ही सुप्रीम कोर्ट का रुख कर चुकी हैं. उन्होंने अंतिम मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारणों पर बार-बार सवाल उठाए हैं. अब उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदय गुहा ने भी एसआईआर मुद्दे पर अपनी बात रखी है.

SIR in Bengal: कूच बिहार : बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग की ओर से जारी वोटर लिस्ट पर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. तृणमूल कांग्रेस पार्टी लगातार इसपर सवाल खड़ा कर रही है. उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदय गुहा ने कहा है कि वोटर लिस्ट में उन लोगों के नाम भी शामिल नहीं किये गये हैं, जिन्हें खुद मोदी सरकार ने भारत की नागरिकता सौंपी है. उन्होंने सवाल उठाया है कि एन्क्लेव निवासियों के नाम क्यों छोड़े जा रहे हैं और किन आधारों पर छोड़े जा रहे हैं. उत्तर बंगाल के विकास मंत्री उदयन गुहा, तृणमूल सांसद जगदीश वर्मा बसुनिया और जिला तृणमूल अध्यक्ष अभिजीत दे भौमिक जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंचे. उन्होंने जिले में कई नामों के छूट जाने के बारे में विस्तार से बताया.

भारत-बांग्लादेश समझौते के तहत मिली थी नागरिकता

उदयन गुहा ने इस दिन कहा- 2015 में एन्क्लेवों को नागरिकता मिली. भारत-बांग्लादेश समझौते के अनुसार यह विकल्प दिया गया था. यह सब भारत सरकार की अनुमति से हुआ था. 2002 में इनमें से किसी का भी नाम मतदाता सूची में नहीं होना चाहिए था. हालांकि, यह देखा जा रहा है कि एन्क्लेवों में रहने वाले विशेष लोगों के 85 प्रतिशत नाम विचाराधीन हैं. फिर भी, एक ही एन्क्लेव के 100-200 लोगों के नाम मतदाता सूची में आ रहे हैं. ऐसा क्यों हो रहा है. जब सरकार ने सबको एक साथ नागरिकता प्रदान की है तो फिर कुछ लोगों के नाम ही वोटर लिस्ट में क्यों शामिल किये गये हैं.

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नहीं हुआ समाधान तो सड़क पर उतरने की चेतावनी

उन्होंने आगे कहा- यहां 2 लाख 37 हजार मतदाताओं के नाम विचाराधीन हैं. 16 न्यायाधीश कार्यरत हैं. वे प्रतिदिन 2 हजार नामों की जांच करते हैं, इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में नामों की जांच करना संभव नहीं है. वैध मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए. उन्हें किसी भी हालत में उनके मताधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है. उत्तर बंगाल के विकास मंत्री ने चेतावनी दी- अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उदयन 10 तारीख के बाद सड़कों पर उतरेंगे और आंदोलन का आह्वान करेंगे.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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