कोलकाता. पश्चिम बंगाल डॉक्टर्स फोरम (डब्ल्यूबीडीएफ) ने दुर्गापुर के आइक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की जानकारी सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को दी है. चिकित्सकों के संगठन में रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिख कर यह जानकारी दी. छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में चिकित्सकों ने गहरी संवेदना व चिंता व्यक्त की है, ताकि राज्य में महिलाओं के खिलाफ हो रही यौन हिंसा के संबंध में देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) का ध्यान आकर्षित किया जा सके. संगठन के सचिव डॉ संजय होल्मे चौधरी और संयुक्त सचिव डॉ राजीव कुमार पांडे ने यह जानकारी दी. चिकित्सकों ने अपने पत्र में लिखा है कि नौ अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक स्नातकोत्तर मेडिकल छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म व हत्या से पूरा देश स्तब्ध था. इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया था. यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. पत्र में चिकित्सकों ने उल्लेख किया है कि शैक्षणिक व चिकित्सा संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप, निवारक उपाय व प्रणालीगत सुधार सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी किये गये हैं. पर दुख की बात है कि इन निर्देशों के बावजूद शुक्रवार को आइक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार ने एक बार फिर ऐसे उपायों के खोखले कार्यान्वयन को उजागर कर दिया है. पत्र में कहा गया है कि दुर्गापुर मामले में संबंधित प्रशासन की ओर से तत्काल कोई एफआइआर, कोई त्वरित सार्वजनिक बयान, कोई सुरक्षा प्रतिक्रिया और कोई जवाबदेही नहीं दिखायी गयी.
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