संवाददाता, कोलकाता
चुनाव आयोग द्वारा 16 दिसंबर को मतदाता ड्राफ्ट सूची जारी करने के बाद अब सुनवाई की प्रकिया शुरू होगी. मतदाता ड्राफ्ट सूची में 58 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाये गये हैं, जिसमें 24 हजार से अधिक मतदाता मृत बताये गये हैं. वहीं दूसरी ओर ड्राफ्ट सूची में करीब 1.36 करोड़ वोटर्स की जानकारी में कई तरह की गड़बड़ियां पायी गयी हैं. इन गड़बड़ियों की जांच के लिए आयोग ने बीएलओ के ऐप में एक नया ऑप्शन जोड़ा है.
आयोग ने आदेश दिया है कि बीएलओ इन 1.36 करोड़ वोटर्स के घर जाकर जानकारी में गड़बड़ियों को दोबारा चेक करके ऐप पर अपलोड करेंगे. बीएलओ को यह लिखित रूप से देना होगा कि उन्होंने खुद जानकारी का सत्यापन किया है. आयोग के इस फैसले पर बीएलओ के संगठनों ने एतराज जताया है. आयोग के मुताबिक, राज्य में शुरू में एक करोड़ 67 लाख 45 हजार 911 वोटरों की जानकारी में गड़बड़ी थी. इनमें से 85,01,486 वोटरों के पिता का नाम नहीं मिला है. 11,95,230 वोटरों के मामले में पिता और मतदाता की उम्र में 15 साल या उससे कम का अंतर है. 8,77,736 वोटरों के मामले में पिता और मतदाता की उम्र में 50 साल या उससे ज्यादा का अंतर है. 13,46,918 वोटरों के मामले में लिंग (जेंडर) को लेकर विसंगतियां हैं. 45 साल से अधिक उम्र होने के बावजूद जिन वोटर्स के नाम 2002 की लिस्ट में नहीं हैं, उनकी संख्या 20,74,256 है. 3,29,152 वोटरों के मामले में दादा या दादी की उम्र में 40 साल या उससे कम का अंतर है. इन सभी को सुनवाई के लिए बुलाने का फैसला लिया गया है.
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