रायदीघी में बन रहा साइक्लोन शेल्टर, आपदा प्रबंधन को मिलेगी मजबूती

मजबूत कंक्रीट से ऊंचे प्लेटफॉर्म पर तैयार किए जा रहे इस शेल्टर को तेज हवा और ज्वार-भाटे के दबाव को सहन करने लायक बनाया जा रहा है.

कोलकाता. चक्रवाती तूफान और प्राकृतिक आपदाओं से बार-बार प्रभावित रहने वाले दक्षिण 24 परगना के रायदीघी इलाके में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल की गयी है. रायदीघी क्षेत्र के दासजानापाड़ा अस्पताल मैदान में एक नया साइक्लोन शेल्टर बनाया जा रहा है, जिस पर करीब 2.1 करोड़ रुपये खर्च होंगे. रायदीघी इलाके में पहले से चार साइक्लोन शेल्टर मौजूद हैं. नये शेल्टर के निर्माण से आपदा के समय स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने में और सुविधा होगी. चक्रवाती तूफान और ज्वार-भाटे के दौरान साइक्लोन शेल्टर आम लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा साबित होते हैं. यह साइक्लोन शेल्टर पश्चिम बंगाल आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभाग की ओर से बनाया जा रहा है. मजबूत कंक्रीट से ऊंचे प्लेटफॉर्म पर तैयार किए जा रहे इस शेल्टर को तेज हवा और ज्वार-भाटे के दबाव को सहन करने लायक बनाया जा रहा है.

आपदा के समय इसे राहत शिविर के रूप में उपयोग किया जाएगा, जबकि सामान्य दिनों में इसे कम्युनिटी हॉल के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा. शेल्टर में बिजली, पीने का पानी, शौचालय, ठहरने की व्यवस्था और आधुनिक संचार सुविधाएं रहेंगी. राहत सामग्री और दवाइयों के भंडारण की भी व्यवस्था की जायेगी. सामान्य परिस्थितियों में इस साइक्लोन शेल्टर में करीब पांच हजार लोग एक साथ रह सकेंगे.

आपात स्थिति में लगभग 20 हजार लोगों को अस्थायी रूप से ठहराने की व्यवस्था रहेगी.

रायदीघी के विधायक डॉ आलोक जलदाता ने कहा कि यह इलाका अक्सर चक्रवाती तूफानों से प्रभावित होता है. पहले आपदा के समय स्थानीय लोगों को स्कूलों में शरण लेनी पड़ती थी. नये साइक्लोन शेल्टर के निर्माण से लोगों को सुरक्षित और स्थायी आश्रय मिलेगा, जिससे आपदा के दिनों में जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा.

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Author: GANESH MAHTO

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