संवाददाता, कोलकाता
अलीपुरदुआर जिले में गुरुवार को एक टक्कर रोधी उपकरण (एसीडी) के परीक्षण के दौरान एक प्रशिक्षित हाथी ने एक व्यक्ति को कुचलकर मार डाला. एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने यह जानकारी दी.मुख्य वन्यजीव वार्डन देबल राय ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब व्यक्ति एक महावत वाले हाथी को निर्देशित कर रहा था तथा वह प्रणाली लगाने वाली कंपनी से कथित तौर पर जुड़ा था.उन्होंने कहा: दुखद घटना एसीडी के परीक्षण के दौरान घटी. परियोजना से जुड़ा एक व्यक्ति हाथी के पैरों तले कुचला गया. सटीक परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं. हमने घटना की जांच शुरू कर दी है.
उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा प्रशिक्षित और पालतू हाथी को निगरानी में रखा गया है. उन्होंने कहा कि हालांकि, घटना के बाद हाथी में कोई असामान्य व्यवहार नहीं दिखा.मृतक की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन यह पुष्टि हो गयी है कि वह वन विभाग का कर्मचारी नहीं था. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मृत व्यक्ति रेलवे कर्मचारी नहीं था. लेकिन वह राजाभतखावा-दमनपुर हाथी गलियारे के किनारे एक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली स्थापित करने के लिए जिम्मेदार संगठन से जुड़ा था. यह गलियारा अलीपुरदुआर में चंपरामारी अभयारण्य और जलपाईगुड़ी जिले में बक्सा बाघ अभयारण्य तक फैला हुआ है.
इन उपकरणों की स्थापना के लिए धन मुहैया कराने वाली संस्था ‘द वॉयस फॉर एशियन एलिफेंट्स’ और सॉफ्टवेयर विकसित करने वाली संस्था ‘स्नैप फाउंडेशन’ इस परियोजना पर सहयोग कर रहे हैं.क्या है एसीडी
एसीडी प्रणाली को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि जब भी कोई हाथी रेल पटरी के 40 मीटर के दायरे में आता है, तो यह एक संकेत उत्सर्जित करता है, जिससे टकराव को रोकने में मदद मिलती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
