बांग्ला सहायता केंद्रों से करोड़ों की योजनाओं का लाभ : सीएम

उन्होंने आगे कहा कि बीएसके के माध्यम से प्रतिदिन राज्य के विभिन्न विभागों की हजारों सेवाएं प्रदान की जाती हैं.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी जानकारी कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा स्थापित बांग्ला सहायता केंद्र (बीएसके) ने अपने ई-वॉलेट के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के सेवा वितरण लेनदेन का आंकड़ा पार कर लिया है. इन केंद्रों की स्थापना सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए की गयी है. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया ””एक्स”” के माध्यम से बताया कि यह उपलब्धि बीएसके के डिजिटल प्लेटफॉर्म में बढ़ते जन-विश्वास को दर्शाती है और पश्चिम बंगाल के डिजिटल सार्वजनिक सेवा वितरण मॉडल की दक्षता और पारदर्शिता को उजागर करती है. उन्होंने आगे कहा कि बीएसके के माध्यम से प्रतिदिन राज्य के विभिन्न विभागों की हजारों सेवाएं प्रदान की जाती हैं. इनमें छात्रवृत्ति, प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य और आवास सेवाएं शामिल हैं. ये सभी सेवाएं उनके डिजिटल बुनियादी ढांचे के माध्यम से निर्बाध रूप से संचालित होती हैं. मुख्यमंत्री ने इस पहल को क्रियाशील डिजिटल बांग्ला का प्रमाण बताया, जो नागरिकों को सक्रिय रूप से सशक्त बना रही है, सुगमता संबंधी बाधाओं को कम कर रही है और एक समावेशी शासन मॉडल को बढ़ावा दे रही है. उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रत्येक बीएसके संचालक और उनका समर्थन करने वाली समर्पित टीमों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की और सभी प्रतिनिधियों को बधाई दी. गौरतलब है कि राज्य में वर्तमान में 3561 बीएसके हैं और राज्य सरकार ने 2025 तक इनकी संख्या 4000 करने का लक्ष्य रखा है. राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1 करोड़ 50 लाख से अधिक लोगों ने बीएसके से सेवाएं प्राप्त की हैं. इनमें से 25 लाख लोग अनुसूचित जाति और लगभग सात लाख अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं. पिछले वर्ष, पूर्व बर्दवान और पूर्व मेदिनीपुर जिलों के लोगों ने बीएसके की सबसे अधिक सेवाओं का लाभ उठाया.

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Published by: Ganesh mahto

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