100 दिन रोजगार योजना में भ्रष्टाचार, हाइकोर्ट ने मालदा एसपी को वसूली का दिया आदेश

इन आरोपों पर कलकत्ता हाइकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है और मालदा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को इस मामले की तेजी से जांच कर पैसे वसूलने का आदेश दिया है.

कोर्ट ने आठ हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

कोलकाता. मालदा की सिरपुर ग्राम पंचायत में 100 दिन की रोजगार योजना के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आये हैं. इन आरोपों पर कलकत्ता हाइकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है और मालदा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को इस मामले की तेजी से जांच कर पैसे वसूलने का आदेश दिया है. कोर्ट सूत्रों के अनुसार, संबंधित ग्राम पंचायत के मुखिया ने खुद यह स्वीकार किया है कि 100 दिनों के काम के पैसे फर्जी खातों में गये हैं. इतना ही नहीं, पंचायत की परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भी पैसे का दुरुपयोग किया गया है. पुलिस ने भी बताया है कि पंचायत मुखिया इस पैसे की वसूली में सहयोग कर रहे हैं. जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस स्मिता दास की खंडपीठ ने पुलिस को आठ हफ्ते के भीतर जांच पूरी कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है. वादी के वकील ने बताया कि 2017 से 2021 तक 100 दिनों के काम में सिरपुर ग्राम पंचायत में कम से कम 10 से 15 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है. आरोप है कि 10 लाख रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं को अपेक्षाकृत कम लागत वाली परियोजनाओं में बदल दिया गया और बिना किसी निविदा प्रक्रिया के अवैध रूप से प्रत्येक व्यक्ति को दे दिया गया. सरकारी नियमों के अनुसार, यदि एक लाख रुपये से अधिक की कोई परियोजना है, तो उसके लिए निविदा आमंत्रित की जानी चाहिए. उस प्रक्रिया से बचने के लिए धनराशि कम कर दी गयी. आरोप यह भी है कि मशरूम की खेती से लेकर ड्रैगन फ्रूट की खेती तक विभिन्न परियोजनाओं के नाम पर भारी मात्रा में धन की हेराफेरी की गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ganesh mahto

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >