जीआइएस कॉटन मिल में बोनस को लेकर विवाद

उक्त समझौते में नियम के तहत 8.33 के दर से बोनस और मजदूरी 17 रुपये बढ़ाये गये थे.

हुगली. चांपदानी स्थित जीआइएस काॅटन मिल में रविवार की सुबह से गतिरोध शुरू हुआ है. मजदूरों ने बोनस और एक्सग्रेसिया की मांग पर उत्पादन ठप कर दिया. इस कारखाने में 1200 से ज्यादा मजदूर हैं. तृणमूल ट्रेड यूनियन के नेता व पार्षद संतोष तिवारी ने बताया कि 2023 में दो पक्षीय समझौता हुआ था. उक्त समझौते में नियम के तहत 8.33 के दर से बोनस और मजदूरी 17 रुपये बढ़ाये गये थे. लेकिन पिछले साल मिल के प्रेसिडेंट चंद्र किशोर पौडवाल, मिल के एचआर आनंद सिंह ने कारखाने के माली हालत खराब बताकर बढ़े हुए एक्सग्रेसिया और दैनिक मजदूरी की रकम देने से मना कर दिया है. इस वर्ष भी आर्थिक स्थिति खराब दिखाकर देने से ही मना कर दिया. शनिवार की सुबह प्रबंधन और यूनियनों की बैठक हुई. लेकिन प्रबंधन ने इस बैठक में एक्सग्रेसिया और बढ़ा हुआ मजदूरी देने से मना कर दिया. यूनियन के नेता बैठक छोड़कर बाहर चले गये. रविवार की सुबह इसकी भनक लगते ही मजदूरों ने उत्पादन ठप कर दिया. कारखाने में उत्पादन चालू हो इसके लिए यूनियन के नेता प्रयास कर रहे हैं.

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