शहीद कानाइलाल के मामा का घर गिराने पर विवाद

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद कानाइलाल दत्त की स्मृति से जुड़ा मातुलालय (मामा का घर) गिराने के नोटिस को लेकर चंदननगर में विवाद छिड़ गया है.

प्रतिनिधि, हुगली.

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद कानाइलाल दत्त की स्मृति से जुड़ा मातुलालय (मामा का घर) गिराने के नोटिस को लेकर चंदननगर में विवाद छिड़ गया है. शहरवासियों में आशंका है कि कहीं यह ऐतिहासिक धरोहर भी राजबिहारी बोस के घर की तरह मिटा न दी जाये.

चंदननगर के सरसोपाड़ा इलाके में स्थित इस घर में ही कानाइलाल दत्त ने अपना बचपन और युवावस्था बितायी थी. लंबे समय से परित्यक्त रहने के कारण मकान की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं. पहले नगर निगम ने इसे “खतरनाक मकान” घोषित कर बोर्ड लगाया था, अब ताज़ा नोटिस में 15 दिनों के भीतर मकान तोड़ने की चेतावनी दी गयी है.

राजबिहारी बोस इंस्टीट्यूट के निदेशक कल्याण चक्रवर्ती ने निगम की कार्रवाई पर कड़ी नाराज़गी जतायी है. उन्होंने कहा, कानाइलाल के मामा का घर चंदननगर की भावनाओं से जुड़ा है. जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए फांसी का फंदा स्वीकार किया, उनकी स्मृति के साथ खिलवाड़ क्यों? आज तक उनके नाम पर कोई स्थायी स्मारक तक नहीं बना है. शहर में कई जर्जर घर हैं, लेकिन निगम की तत्परता सिर्फ यहीं क्यों? 15 दिन में तोड़ देंगे’ जैसी धमकी चंदननगरवासी कभी स्वीकार नहीं करेंगे. स्थानीय निवासी असीत बरन सुरुल ने भी घर को संरक्षित रखने की मांग की है. उन्होंने कहा, यह कानाइलाल का मामा का घर है. इतने वर्षों से स्मृति सुरक्षित है, इसे नष्ट करना उचित नहीं होगा.

निगम का पक्ष : दूसरी ओर चंदननगर के मेयर राम चक्रवर्ती ने आरोपों को “भ्रामक प्रचार” बताया. उनका कहना है, “2010 में हमारी सरकार ने राजबिहारी बोस की जमीन बचायी थी. कानाइलाल दत्त के मामा का घर बड़े क्षेत्रफल में है. उसमें एक हिस्सा बेहद जर्जर हो चुका है, जिसके पास स्कूल और सड़क है. अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा पर चिंता जतायी है. नोटिस कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी हुआ है. यदि हिस्सेदार खुद जर्जर भाग नहीं गिराते तो निगम कार्रवाई करेगा. कानाइलाल की मूर्ति का नवीनीकरण भी शीघ्र किया जायेगा.

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Published by: Subodh kumar singh

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