चाय बागानों की बदहाल स्थिति के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार : ममता बनर्जी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल में आयोजित विश्व बंगाल उद्योग सम्मेलन में चाय बागान मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना की है.

मुख्यमंत्री ने श्रम मंत्री के नेतृत्व में दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने का दिया आदेश

संवाददाता, कोलकाता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल में आयोजित विश्व बंगाल उद्योग सम्मेलन में चाय बागान मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना की है. मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि यदि आवश्यक हुआ तो वह तृणमूल प्रतिनिधियों और चाय उद्योगपतियों के साथ दिल्ली में चाय बोर्ड कार्यालय का घेराव करेंगी.

सोमवार को बैठक के दौरान जलपाईगुड़ी लघु चाय उत्पादक संघ के अध्यक्ष विजय गोपाल चक्रवर्ती ने टी बोर्ड पर चाय बागानों को बंद करने की साजिश का आरोप लगाया गया. यह आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि टी बोर्ड ने पिछले साल 30 नवंबर को चाय की नयी पत्तियों के तोड़ने पर रोक लगा दी थी, जिसे बाद में राज्य सरकार ने पलट दिया था. एक बार फिर टी बोर्ड ने वही फैसला लिया है. यह सुनते ही ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर केंद्र पर वोट की राजनीति का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं चलेगा. उत्तर बंगाल में वोट की राजनीति हो रही है. भाजपा वोट से पहले बंद चाय बागानों को खोलने का वादा करती है और बाद में सब भूल जाती है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ी तो हम प्रतिनिधि भेजकर दिल्ली में टी-बोर्ड का घेराव करेंगे. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब, जीटीए प्रमुख अनित थापा समेत बागान मालिकों-श्रमिकों को दिल्ली जाकर विरोध जताने का आदेश दिया.

बैठक के दौरान उद्योगपतियों ने की कई शिकायतें : इसके अलावा, उद्योगपतियों की ओर से बैठक के दौरान निवेश, ट्रेड लाइसेंस सरलीकरण और म्यूटेशन सहित कई शिकायतें उठाई गईं. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को उन सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिया. कूचबिहार के उद्योगपतियों ने कूचबिहार के मदन मोहन मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों के आसपास पर्यटन सर्किट बनाने की भी मांग की.

””पुलिस सुनिश्चित करे कि कोई जबरन वसूली न हो”” : उद्योगपतियों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस को सख्त संदेश देते हुए कहा कि व्यापारियों व उद्योगपतियों से कोई जबरन वसूली नहीं होनी चाहिए. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नगरपालिकाओं द्वारा व्यापारियों से अतिरिक्त पैसे मांगने पर फटकार लगायी. व्यापारियों ने आरोप लगाया कि ट्रेड लाइसेंस बनाते समय या रिनिवल के समय डेवलपमेंट फीस के नाम पर उनसे राशि वसूली जा रही है. यह सुनते ही मुख्यमंत्री ने इसे तुरंत बंद करने का आदेश दिया. मुख्यमंत्री ने पुलिस को कड़ा संदेश देते हुए कि उन्हें उद्योगपतियों की गाड़ियां नहीं रोकनी चाहिए, उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए और न ही उनसे पैसे वसूलने चाहिए.

गौरतलब है कि दक्षिण दिनाजपुर के एक व्यवसायी ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि जब भी व्यापारियों के वाणिज्यिक वाहन सड़कों पर चलते हैं, तो टोल टैक्स, जीएसटी और पुलिस उत्पीड़न के कारण लागत बढ़ रही है. यह व्यवसायियों और उद्योगपतियों के लिए बेहद मुश्किल मामला बन गया है. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टोल टैक्स व जीएसटी केंद्र सरकार का मुद्दा है. लेकिन राज्य में वाहनों से किसी प्रकार की वसूली ना हो, इसे पुलिस सुनिश्चित करेगी.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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