केंद्र कोर्ट के आदेश का पालन करने में विफल : शशि पांजा

भाजपा पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार अदालत के आदेश का पालन करने में विफल रही है

कोलकाता. राज्य की मंत्री व तृणमूल कांग्रेस की नेता डाॅ शशि पांजा ने भाजपा पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार अदालत के आदेश का पालन करने में विफल रही है. उन्होंने मीडिया के समक्ष कहा कि पहले ””””बंगाल-विरोधी जमींदारों”””” ने राज्य के लोगों को ‘बांग्लादेशी’ कहकर अपमानित किया और बाद में छह नागरिकों को बांग्लादेश में निर्वासित कर दिया गया, जिनमें एक गर्भवती महिला, सोनाली खातून भी शामिल थीं. यह केवल एक अपमानजनक कदम नहीं है, बल्कि मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है” उन्होंने आरोप लगाया कि “अब केंद्र सरकार, जो इन बंगाल-विरोधी तत्वों के प्रभाव में है, अदालत के आदेश का पालन करने से भी इंकार कर रही है. अदालत ने स्पष्ट रूप से आदेश दिया था कि सोनाली खातून और अन्य निर्वासित लोगों को भारत वापस लाया जाये, लेकिन केंद्र ने इसे लागू नहीं किया. पश्चिम बंगाल सरकार लगातार केंद्र को इस मामले में हस्तक्षेप करने और अदालत के आदेश का पालन कराने का अनुरोध कर रही है. यह सिर्फ राजनीतिक रूप से ही नहीं, बल्कि कानूनी और मानवीय दृष्टिकोण से भी संवेदनशील मामला है. केंद्र सरकार का लापरवाही दिखाना राज्य की जनता और उन लोगों के प्रति अन्याय है, जिन्हें मजबूरी में देश से दूर भेजा गया.” इस मामले ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है. विपक्षी दल और मानवाधिकार संगठन भी केंद्र सरकार से मांग कर रहे हैं कि वह तुरंत कदम उठाये और निर्वासित लोगों को भारत लौटाने की प्रक्रिया शुरू करे. डॉ पांजा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार सभी कानूनी विकल्प अपनायेगी ताकि केंद्र को न्यायालय के आदेश के पालन के लिए बाध्य किया जा सके. इस मुद्दे ने बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ले लिया है और आगामी दिनों में इसे लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच कानूनी और राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना जतायी जा रही है.

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Published by: Sandip tiwari

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