मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का आदेश- कत्ल और तोड़फोड़ करने वालों को तुरंत गिरफ्तार करें

CEC Gyanesh Kumar Bengal Violence Order: बंगाल चुनाव 2026 के बाद भड़की हिंसा पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने अधिकारियों को हत्या और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी का निर्देश दिया है. पढ़ें लेटेस्ट अपडेट्स.

CEC Gyanesh Kumar Bengal Violence Order: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजे आने के बाद भड़की हिंसा पर दिल्ली से लेकर कोलकाता तक हड़कंप मच गया है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने बंगाल के बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन को ‘कानून का हंटर’ चलाने का निर्देश दिया है.

हिंसा और तोड़फोड़ कतई बर्दाश्त नहीं : मुख्य चुनाव आयुक्त

सीईसी ने बुधवार को साफ कहा कि राज्य में हो रही हिंसा और तोड़फोड़ को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दो-टूक आदेश दिया कि जो भी खून-खराबे और आगजनी में शामिल है, उसे बिना देरी किये तुरंत गिरफ्तार किया जाये.

CEC की हाई-लेवल क्लास, नपेंगे लापरवाह अफसर

एक आपात बैठक के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बंगाल के आला अफसरों को सख्त हिदायत दी है. मुख्य सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस आयुक्त और सभी जिला मजिस्ट्रेटों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) से कहा गया है कि वे सीधे कार्रवाई करें. सीईसी ने कहा है कि हिंसा भड़काने के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें तत्काल सलाखों के पीछे भेजा जाये. राज्य के उन इलाकों में निरंतर गश्त (Patrolling) बढ़ाने को कहा गया है, जहां तनाव की स्थिति बनी हुई है.

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2 की मौत और दफ्तरों में आगजनी के बाद एक्शन में आयोग

चुनाव आयोग का यह कड़ा रुख मंगलवार को हुई हिंसक घटनाओं के बाद आया है. चुनाव के बाद हुई झड़पों में कथित तौर पर 2 लोगों की जान जा चुकी है और कई राजनीतिक दलों के दफ्तरों में तोड़फोड़ की खबरें सामने आयी हैं. ज्ञानेश कुमार ने कानून को सख्ती से लागू करने और किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने की बात कही है.

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CEC Gyanesh Kumar Bengal Violence Order: केंद्रीय बलों और पुलिस का ज्वाइंट ऑपरेशन

बंगाल में शांति बहाली के लिए सुरक्षा का नया खाका तैयार किया गया है. पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की कोशिश की जा रही है. प्रदेश के सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी गयी है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे पूरी तरह सतर्क हैं और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों से कड़ाई से निपट रहे हैं.

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बंगाल में बीजेपी ने किया ममता के 15 साल के शासन का अंत

गौरतलब है कि भाजपा ने 207 सीटें जीतकर ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत कर दिया है. लेकिन जीत के साथ शुरू हुई इस ‘खूनी जंग’ ने लोकतंत्र के उत्सव पर सवाल खड़े कर दिये हैं. अब देखना यह है कि सीईसी के इस कड़े आदेश के बाद बंगाल की सड़कों पर शांति लौटती है या नहीं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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