नोटों की गिनती करने के लिए बैंक से तीन मशीनों की लेनी पड़ी मदद
लगभग 12 घंटे की छापेमारी में डिजिटल सबूत एवं रुपये जब्त कर बाहर निकले अधिकारी
जामुड़िया/रानीगंज. कोयला तस्करी की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (इडी) के अधिकारियों ने मंगलवार सुबह राज्य के 10 ठिकानों में एक साथ छापेमारी की. इसी कड़ी में इडी की टीम सुबह 6.30 बजे पश्चिम बर्दवान जिले के जामुड़िया में वार्ड नंबर चार स्थित हाटतला इलाके में प्रमुख हार्डवेयर व्यवसायी राजेश बंसल के आवास पर पहुंची थी. यह कार्रवाई कथित तौर पर अवैध कोयला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े वित्तीय नेटवर्क को लेकर की गयी. गौरतलब है कि राजेश बंसल के भाई रमेश बंसल तथा उनके दो पुत्र अमित और सुमित बंसल जामुड़िया में रहते हैं, जबकि राजेश बंसल का निवास स्थान रानीगंज में है.जानकारी के अनुसार, सुबह इडी के 13 से 16 अधिकारियों की टीम तीन वाहनों में सवार होकर राजेश बंसल के घर पहुंची. सुरक्षा की गंभीरता को देखते हुए सीआइएसएफ के जवानों ने साबुन फैक्टरी वाली गली को घेर लिया. लगभग 8 घंटे से अधिक चली सघन तलाशी के दौरान घर में मौजूद कुछ बोरियों को खोलने पर इडी अधिकारी हैरान रह गये. बोरियों में रद्दी कागजों की तरह नोटों के बंडल को भरकर रखा गया था. इसे देखते ही इडी की टीम ने स्थानीय सरकारी बैंक से तीन नोट गिनने की मशीनें मंगवाईं. इसके बाद इडी सूत्र बताते हैं कि एक करोड़ से ज्यादा रुपये वहां से बरामद किये गये. राजेश बंसल का रानीगंज के पंजाबी मोड़ इलाके में इंडस्ट्रियल हार्डवेयर का बड़ा कारोबार है. इडी इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इन व्यापारिक गतिविधियों की आड़ में कोयला क्षेत्र से जुड़े अवैध धन को सफेद किया जा रहा था. इस कार्रवाई के तार कोलकाता, दुर्गापुर और पांडवेश्वर से भी जुड़ते दिख रहे हैं. इडी सूत्रों का कहना है कि राजेश कोयला तस्करी से जुड़े रुपये को विभिन्न जगहों पर हवाला एवं अन्य साधनों से ट्रांसफर करने का काम करते थे.
इडी के अधिकारियों ने रानीगंज के बकतार नगर के बालू व्यवसायी किरण खान के घर पर भी छापामारी की. वहां से भी कई अहम जानकारी हाथ लगी है. देखें पेज 3 व 4 भी