फालता उपचुनाव में हार के बाद बढ़ी जहांगीर खान की मुसीबत, हाईकोर्ट ने छीना सुरक्षा कवच, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

Calcutta High Court Order on Jahangir Khan: कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी नेता जहांगीर खान को मिली अंतरिम राहत रद्द कर दी है. फालता उपचुनाव में हार और पार्टी से गद्दारी के आरोपों के बीच जहांगीर खान पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.

Calcutta High Court Order on Jahangir Khan: पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी शिकस्त और पार्टी के भीतर ‘गद्दारी’ के आरोपों का सामना कर रहे नेता जहांगीर खान को कानूनी मोर्चे पर भी बड़ा झटका लगा है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए जहांगीर खान को दंडात्मक कार्रवाई से दी गयी अंतरिम राहत (Interim Relief) को रद्द कर दिया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद जहांगीर खान की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है.

कोर्ट से सुरक्षा कवच खत्म, कानूनी फंदा तैयार

जहांगीर खान के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों में उन्हें अब तक अदालत से गिरफ्तारी के खिलाफ सुरक्षा मिली हुई थी. मंगलवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उनकी दंडात्मक राहत को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि जांच के हित में अब आरोपी को दी गयी राहत जारी नहीं रखी जा सकती.

पुलिस को मिली छूट, जहांगीर पर दोहरी मार

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब स्थानीय पुलिस या राज्य की जांच एजेंसियां किसी भी पुराने या लंबित मामले में जहांगीर खान को हिरासत में ले सकती हैं. एक तरफ फालता उपचुनाव में महज 7,783 वोट पाकर चौथे नंबर पर खिसकना और दूसरी तरफ कोर्ट का यह सख्त रुख, जहांगीर खान के राजनीतिक भविष्य पर काले बादल मंडरा रहे हैं. जहांगीर पर दोहरी मार पड़ी है.

इसे भी पढ़ें : फालता में ऐतिहासिक हार के बाद अभिषेक बनर्जी ने जहांगीर खान को कहा विश्वासघाती, शुभेंदु अधिकारी बोले- ये तो बस शुरुआत है

हार के बाद टीएमसी के निशाने पर हैं जहांगीर

फालता उपचुनाव के नतीजों के बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने जहांगीर खान पर ‘मैच फिक्सिंग’ और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से हाथ मिलाने का गंभीर आरोप लगाया था. टीएमसी का मानना है कि जहांगीर खान ने जान-बूझकर चुनाव के बीच में ‘सरेंडर’ किया, जिससे बीजेपी उम्मीदवार को 1 लाख से अधिक की लीड मिली.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Calcutta High Court Order on Jahangir Khan: अगला कदम क्या?

गिरफ्तारी के डर से जहांगीर खान अब कानूनी विशेषज्ञों की सलाह ले रहे हैं, ताकि इस आदेश के खिलाफ उच्च पीठ या सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सके. हालांकि, फिलहाल पुलिस उन पर लगे आरोपों और दर्ज एफआईआर (FIR) के आधार पर एक्शन लेने की तैयारी में जुट गयी है.

इसे भी पढ़ें

बंगाल चुनाव में ‘सिंघम’ और ‘पुष्पा’ की एंट्री : अजय पाल शर्मा पर भड़के TMC के जहांगीर खान, बोले- झुकेगा नहीं…

फालता विधानसभा के बाद अब डॉयमंड हार्बर नगरपालिका से बाहर हो सकती है तृणमूल

अंदरूनी कलह और ‘मिड-लेवल’ लीडरशिप की बेरुखी ने डुबोयी TMC की लुटिया! बंगाल में ममता का किला ढहने की इनसाइड स्टोरी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >