कलकत्ता हाइकोर्ट ने फिर से पोस्टमार्टम का दिया आदेश

कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा जेल में बंद एक बीमार कैदी का इलाज कराने का आदेश दिये जाने के बावजूद उसका इलाज नहीं कराया गया.

संवाददाता, कोलकाता

कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा जेल में बंद एक बीमार कैदी का इलाज कराने का आदेश दिये जाने के बावजूद उसका इलाज नहीं कराया गया. आरोप है कि इलाज नहीं होने की वजह से कैदी मौसम चटर्जी की मौत हो गयी. इस घटना के बाद मृत कैदी के परिजनों ने हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अदालत में एक याचिका दायर कर जांच की मांग की थी.

गुरुवार को मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश तीर्थंकर घोष ने मौसम चटर्जी के शव का पोस्टमार्टम करने का आदेश दिया है, जिसकी कथित तौर पर चिकित्सा उपचार के अभाव में बीमारी से मृत्यु हो गयी थी. न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने आदेश दिया कि एनआरएस मेडिकल कॉलेज में कार्यकारी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम करना होगा और पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करनी होगी. इसके अलावा न्यायाधीश ने टाला पुलिस स्टेशन के ओसी को मृतक के शव को आरजी कर अस्पताल से एनआरएस अस्पताल लाने की व्यवस्था करने का आदेश दिया.

हाइकोर्ट ने कहा कि एनआरएस प्राधिकारियों को एक बोर्ड कर शव का परीक्षण करना होगी और कार्यकारी मजिस्ट्रेट शव-परीक्षण के सभी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेंगे. इसके साथ ही हाइकोर्ट ने दमदम जेल और आरजी कर अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करने का आदेश दिया. हाइकोर्ट ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट 24 जनवरी को उच्च न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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