बंगाल : बेलियाघाटा के कुख्यात राजू नस्कर के चार करीबी गिरफ्तार

Bengal News: राजनीतिक पहचान के साथ-साथ राजू नस्कर एक प्रमोटर के रूप में भी सक्रिय था. आरोप है कि इलाके में उसके प्रभाव का इस्तेमाल जमीन, निर्माण और स्थानीय दबदबे के लिए किया जाता था.

कोलकाता से अमित शर्मा की रिपोर्ट

Bengal News: बेलियाघाटा इलाके में लंबे समय से दहशत का पर्याय बने राजू नस्कर के नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. कोलकाता पुलिस की गुंडा दमन शाखा ने राजू नस्कर के चार करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों के नाम श्यामल बसु, राजू साहा, विभास दास और राजेश मल्लिक हैं. सभी आरोपी बेलियाघाटा क्षेत्र के निवासी बताये जा रहे हैं.

हथियार कानून के तहत गिरफ्तार

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चारों को हथियार कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है. इनके खिलाफ अवैध रूप से आग्नेयास्त्र रखने, उसकी आपूर्ति और बिक्री की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. श्यामपुकुर थाने में इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. भारतीय न्याय संहिता की धारा 25(1)(ए) और 29 के तहत कार्रवाई की गयी है.

अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़ा है मामला

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी लंबे समय से अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़े हुए थे. यह गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इनका संबंध बेलियाघाटा के कुख्यात नाम राजू नस्कर से बताया जा रहा है. स्थानीय स्तर पर नस्कर को तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेता के रूप में जाना जाता रहा है. राजनीतिक पहचान के साथ-साथ वह एक प्रमोटर के रूप में भी सक्रिय था. आरोप है कि इलाके में उसके प्रभाव का इस्तेमाल जमीन, निर्माण और स्थानीय दबदबे के लिए किया जाता था.

अवैध निर्माण को संरक्षण देने का आरोप

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नस्कर पहले भी कई विवादों में घिर चुका है. इसी वर्ष फरवरी में बेलियाघाटा के एक निवासी को घर से उठाकर ले जाने और बुरी तरह पीटने का आरोप उसके खिलाफ लगा था. उस मामले में कोलकाता पुलिस की गुंडा दमन शाखा और बेलियाघाटा थाने की संयुक्त कार्रवाई में राजू नस्कर गिरफ्तार हुआ था. नस्कर पर अवैध निर्माण को संरक्षण देने के भी आरोप लगे थे. उसके द्वारा विकसित कई आवासीय परियोजनाओं को अवैध बताया गया था.

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बड़ा आपराधिक नेटवर्क सक्रिय

प्रशासन ने उसके एक निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन पर बुलडोजर भी चलाया था. हालांकि, बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया. अब उसके चार करीबी सहयोगियों की गिरफ्तारी को उसी अभियान की बड़ी कड़ी माना जा रहा है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन आरोपियों के पास हथियार कहां से आये, उनका इस्तेमाल किन गतिविधियों में होना था और क्या इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क सक्रिय है.

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Published by: Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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