खरी-खरी. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव बोले, ममता एकमात्र सीएम, जो अपने ही कर्मियों के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट जाती हैं
संवाददाता, कोलकाताकेंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री व पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के केंद्रीय प्रभारी भूपेंद्र यादव ने बुधवार को राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बैड गवर्नेंस का सबसे बड़ा उदाहरण पश्चिम बंगाल है, जहां केंद्र सरकार की कई योजनाओं में भ्रष्टाचार हुआ. राज्य में मनरेगा योजना का कार्यान्वयन सही तरीके से नहीं हुआ और वित्तीय अनियमितताओं की रिपोर्ट सामने आयी है. इसके अलावा पीएम आवास योजना, पीएम पोषण योजना, जल जीवन मिशन सहित अन्य योजनाओं के कार्यान्वयन में भी भ्रष्टाचार के आरोप हैं. राज्य सरकार पर लगाया फंड के दुरुपयोग का आरोप : केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में वस्त्र उद्योग की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन राज्य सरकार के पास इसे विकसित करने का स्पष्ट रोडमैप नहीं है. केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बंगाल को 1.10 लाख करोड़ रुपये प्रदान किये हैं, लेकिन राज्य सरकार पर धन के दुरुपयोग के आरोप हैं. उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत और पीएम-किसान जैसी योजनाओं को राज्य में पूरी तरह लागू नहीं होने दिया गया. साथ ही राज्य सरकार पर लगातार कर्ज लेने और पूंजीगत व्यय कम रखने का आरोप लगाया.तृणमूल सरकार पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप : भूपेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी और उद्योग व वाणिज्य विभाग के लिए आवंटन कम है, जबकि मदरसों के लिए 5,713.61 करोड़ रुपये निर्धारित किये गये हैं. उत्तर बंगाल की तीन करोड़ आबादी के लिए मात्र 910 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है, जो तृणमूल कांग्रेस सरकार की वोट बैंक की राजनीति को दर्शाता है. चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है भारत : केंद्रीय बजट को विकसित भारत की दिशा में निर्णायक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. जापान को पीछे छोड़ते हुए भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और देश का सकल घरेलू उत्पाद लगभग 4.18-4.19 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय 2014 के दो लाख करोड़ रुपये से बढ़ कर अब लगभग छह गुना हो गया है. इस बजट में 12 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय निर्धारित किया गया है. उन्होंने कहा कि सड़क, हवाई अड्डे, बंदरगाह, माल ढुलाई गलियारे और टियर-2 व टियर-3 शहरों के एकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 10 हजार करोड़ रुपये का एमएसएमइ ग्रोथ फंड प्रस्तावित है, जिससे पश्चिम बंगाल के लघु और मध्यम उद्योगों को लाभ होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में 6,800 सूचीबद्ध कंपनियां बंद हो चुकी हैं और एमएसएमइ क्षेत्र प्रभावित हुआ है. भूपेंद्र यादव ने जूट उद्योग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि देश का 80 प्रतिशत जूट उत्पादन पश्चिम बंगाल में होता है, जिससे 2.5 लाख लोगों को रोजगार मिलता है. महिला सशक्तीकरण के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में देशभर में दो करोड़ लखपति दीदी बनायी गयी हैं.
