मुख्य बातें
Jahangir Khan: कोलकाता. बंगाल चुनाव में डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र का फाल्टा विधानसभा चुनावी दंगल का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है. भवानीपुर के बाद तृणमूल के लिए यह दूसरी महत्वपूर्ण सीट रही है. यहां से तृणमूल के दूसरे सबसे बड़े नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी जहांगीर खान उम्मीदवार हैं. भवानीपुर की हार के बाद माना जा रहा था कि किसी भी हाल में तृणमूल यह सीट हारना नहीं चाहेगी, लेकिन मतदान से 48 घंटे पहले तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया. उन्होंने साफ कर दिया कि वह फाल्टा से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. बेशक फाल्टा की जनता की शांति और एक सुनहरा फल पैदा करने के लिए जहांगीर ने चुनावी मैदान छोड़ा हैं. लेकिन, सवाल उठता है कि फैसला उनका है या किसके पीछे भी किसी का कोई राजनीतिक स्वार्थ है.
अभिषेक ने दी थी चुनौती
अभिषेक बनर्जी के करीबी जहांगीर खान का अचानक चुनावी मैदान से बाहर होना बंगाल की राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिये हैं. विधानसभा चुनाव के दौरान अभिषेक बनर्जी ने ताल ठोक कर रहा था-आपके बांग्ला बिरोधी गुजराती गिरोह और उनके कठपुतली ज्ञानेश कुमार के लिए दस जन्म भी मेरे डायमंड हार्बर मॉडल में जरा सी भी सेंध लगाने के लिए सफल नहीं होंगे. अपनी पूरी ताकत लगा दो. मैं पूरे गिरोह को चुनौती देता हूं, फाल्टा आओ. अपने सबसे ताकतवर नेता को भेजो, दिल्ली से किसी एक गॉडफादर को भेजो. अगर हिम्मत है, तो फाल्टा में चुनाव लड़ो. बंगाल चुनाव में मिली करारी हार के बाद न केवल राजनीतिक परिस्थिति बदली है, बल्कि अभिषेक बनर्जी खुद भी कई मामलों में घिर चुके हैं.
प्रचार को नहीं पहुंचा कोई बड़ा नेता
पिछले लोकसभा चुनावों में जहांगीर ने अभिषेक बनर्जी को 1 लाख 62 हजार वोटों की बढ़त दिलाई थी. हालांकि, चुनाव प्रचार के दौरान अब तक जहांगीर के साथ अभिषेक कहीं नजर नहीं आए. वहीं दूसरी ओर, शुभेंदु अधिकारी प्रचार करने आए. यहां तक कि वाम मोर्चा ने भी फाल्टा में प्रचार किया. यही सवाल बार-बार उठ रहा था कि अभिषेक कहां हैं. शायद पुष्पा भी यह समझ चुके हैं कि पार्टी का कोई बड़ा नेता इस समय साथ नहीं है. वह अकेले व बेबस हैं. इसलिए उन्होंने झुकना स्वीकार कर लिया. वर्ना अभिषेक बनर्जी से आगे बढ़कर जहांगीर खान ने भी दावे किये थे. उन्होंने भरे मंच से उत्तर प्रदेश के एक आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को चुनौती देते हुए कहा था कि वह झुकेंगे नहीं, बल्कि लड़ेंगे.
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अचानक फैसले के सवाल में साधी चुप्पी
जहांगीर खान घर से बाहर नहीं निकले. अपने घर पर ही मीडिया से बात की. जब उनसे पूछा गया कि अचानक यह फैसला किसके निर्देश पर लिया गया, तो वह इस सवाल से अलग दूसरी बात पर चले गये. उन्होंने कहा कि फालता के विकास के लिए, फालता के लोगों के लिए मैं चुनाव से हट रहा हूं. मुझे जो कहना है, मैंने बता दिया है, आगे अब मैं कुछ नहीं कहूंगा. इससे पहले उन्होंने कहा कि मैं फालता का बेटा हूं. मैं चाहता हूं कि फालता शांतिपूर्ण, स्वस्थ और समृद्ध रहे. यहां ज्यादा से ज्यादा विकास होना चाहिए. सफेद शर्ट और काला पेंट पहने पुष्पा ने कहा कि मेरा सपना एक सुनहरे फाल्टा का था. अंत में जहांगीर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने फालता के विकास के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की है, जिसका मैं स्वागत करता हूं.
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