मालदा-मुर्शिदाबाद में कांग्रेस को लेकर तृणमूल गंभीर, अभिषेक बनर्जी ने बनायी खास स्ट्रेटजी

Bengal Election: पहले चरण में मालदा और मुर्शिदाबाद में मतदान होना है. कांग्रेस को इन दोनों जिलों में अच्छे नतीजों की उम्मीद है. अधीर चौधरी तीन दशकों बाद बरहमपुर विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बने हैं. मालदा के गनी खान चौधरी के परिवार की सदस्य तृणमूल छोड़कर कांग्रेस में लौट आई हैं. इससे मालदा के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भर गया है.

Bengal Election: कोलकाता: अल्पसंख्यक बहुल मालदा और मुर्शिदाबाद में चुनावों को लेकर तृणमूल कांग्रेस गंभीर है. इस इलाके में इस बार कांग्रेस तृणमूल के लिए नयी चुनौती है. इन दोनों जिलों में असदुद्दीन ओवैसी का प्रभाव भी बढ़ गया है. हालांकि हुमायूं कबीर प्रकरण के बाद यि मोर्चा टूट चुका है. ऐसे में तृणमूल अपने इस गढ को बचाने के लिए खास रणनीति तैयार की है. पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मालदा और मुर्शिदाबाद के पार्टी नेताओं को विशेष संदेश दिया है. उन्होंने इन दोनों जिलों के नेताओं को बताया कि आम जनता से मिलते समय उन्हें किन मुद्दों पर जोर देना चाहिए. इस वर्चुअल बैठक में पार्टी के उम्मीदवार, विभिन्न नगरपालिकाओं के महापौर, उप महापौर, सांसद, जिला परिषद सदस्य, पंचायत प्रमुख और उप प्रमुख तथा विभिन्न चुनाव समितियों के सदस्य शामिल हुए.

अगले 15 दिनों तय करेगा आपका राजनीतिक भविष्य

राज्य भर के पार्टी नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक में तृणमूल के दूसरे सबसे बड़े नेता ने कहा- मालदा और मुर्शिदाबाद में मतदान के प्रभारी लोगों को जनता को यह समझाना चाहिए कि कांग्रेस को वोट देने का मतलब भाजपा के हाथों को मजबूत करना है. क्या कांग्रेस भाजपा को कहीं रोक पाई है. जनता को इसका जवाब दें. इसके बाद उन्होंने कहा- अगर कांग्रेस नेता जीत जाते हैं, तो अगर वे कल पैसे लेकर भाजपा में शामिल हो जाते हैं तो वे क्या करेंगे. जनता को इसका जवाब दें. अभिषेक ने वर्चुअल मीटिंग में कहा- आपका राजनीतिक भविष्य अगले 15 दिनों पर निर्भर करता है. अगर नतीजे अच्छे रहे तो पार्टी आपको पुरस्कृत करेगी. अगर नतीजे खराब रहे तो पार्टी समझेगी. अगर नतीजे अच्छे रहे तो आपको पार्षद चुनाव में टिकट मिलेगा. वरना नहीं.

गांव-गांव जाकर करें जनता से बात

वर्चुअल मीटिंग में तृणमूल के दूसरे सबसे बड़े नेता ने भाजपा पर निशाना साधा. साथ ही उन्होंने पार्टी नेताओं को कड़ा संदेश भी दिया. भाजपा को निशाना बनाते हुए अभिषेक ने पार्टी नेताओं से कहा- जो लोग विपक्ष की सीटों पर बने रहने के लिए अपना नाम वापस ले रहे हैं, सत्ता में आने पर वे क्या करेंगे. जनता को यह समझाएं. अगर भाजपा जीत जाती, तो वे ईडी को धमकी क्यों दे रहे हैं, क्योंकि 10 करोड़ बंगालियों का भरोसा तृणमूल के साथ है. उन्होंने पार्टी नेताओं से यह भी कहा- फिर से घर-घर जाओ. अगले सात दिनों तक गांवों में जाओ, सभाएं करो और लोगों को समझाओ कि लक्ष्मी भंडार, युवश्री समेत आपकी विभिन्न परियोजनाओं में मोदी का पैसा नहीं लगा है. अगर दीदी जीतती हैं, तो आपको फायदा होगा और अगर भाजपा जीतती है, तो आपको नुकसान होगा.

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अगर अदालत की अवमानना ​​होती है, तो मैं समझूंगा

अभिषेक बनर्जी ने कहा- कई लोग मुझसे कह रहे हैं-चिंता मत करो भाई, हमें आठ हजार वोटों की बढ़त मिलेगी, लेकिन यह सुनिश्चित कर लो कि तुम ये बढ़त कैसे हासिल करोगे. तुम्हें चार रोटी खानी होंगी. इस बात को ध्यान में रखना होगा. यह भी ध्यान में रखना होगा कि वोटों में बढ़त कहां से आएगी. इस वर्चुअल बैठक में आयोग के एक आदेश का जिक्र करते हुए तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव ने कहा- आज चुनाव आयोग ने अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी की कार की तलाशी का आदेश दिया है. भाजपा का कुछ नहीं किया जा सकता. हम इस मामले में अदालत जाएंगे. भाजपा अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल कर रही है. वह चुनाव आयोग की न्यायिक प्रणाली का दुरुपयोग कर रही है. मैं यह बात साफ कह रहा हूं. अगर अदालत की अवमानना ​​होती है, तो मैं समझूंगा.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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