केंद्रीय बलों की तैनाती पर सलीम का हमला, सत्ता परिवर्तन की कोशिश का आरोप

Bengal Election: पश्चिम बंगाल में विधानसभा के लिए गुरुवार 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होना है. पूरे राज्य में सुरक्षा की अभूतपूर्व व्यवस्था है. माकपा ने इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती पर सवाल उठाया है.

Bengal Election: कोलकाता. राज्य में भारी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर माकपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद सलीम ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा कि बख्तरबंद गाड़ियों और हथियारबंद जवानों की मौजूदगी में लोकतंत्र बहाल करने के बजाय सत्ता परिवर्तन की कोशिश की जा रही है.

कश्मीर जैसी स्थिति का आरोप

माकपा के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि जिस तरह कश्मीर में बख्तरबंद गाड़ियां और सुरक्षाबल तैनात रहते हैं, उसी तरह का माहौल पश्चिम बंगाल में भी बनाया जा रहा है. उनके अनुसार, इससे निष्पक्ष चुनाव के बजाय भय का वातावरण बन रहा है. कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम के दौरान सलीम ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि जैसे इराक में लोकतंत्र के नाम पर हस्तक्षेप हुआ, उसी तरह यहां भी केंद्रीय बलों की तैनाती के जरिये स्थिति प्रभावित करने की कोशिश हो रही है.

एसआइआर प्रक्रिया पर सवाल

मोहम्मद सलीम ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीइसी) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस मतदाता सूची के आधार पर चुनाव हो रहा है, वह पक्षपातपूर्ण है. उन्होंने दावा किया कि एसआइआर प्रक्रिया बिना पर्याप्त योजना के शुरू की गयी, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं.

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डर का माहौल बनने का आरोप

माकपा नेता ने कहा कि केवल केंद्रीय बलों की तैनाती से चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकता, बल्कि इससे आम जनता में डर का माहौल बनता है. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य में पहले भी स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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