तृणमूल विधायक की मौजूदगी में बीडीओ दफ्तर में तोड़फोड़
कुछ समय बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ बीडीओ कार्यालय के भीतर प्रवेश कर गये.
कोलकाता. मुर्शिदाबाद के फरक्का इलाके में बुधवार को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय विधायक मनीरुल इस्लाम के नेतृत्व में उनके समर्थकों पर बीडीओ कार्यालय में हंगामा व तोड़फोड़ किये जाने का आरोप सामने आया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दिन विधायक इस्लाम पहले कुछ तृणमूल कार्यकर्ताओं के साथ बीडीओ कार्यालय के बाहर एसआइआर प्रक्रिया के खिलाफ के नारे लगाते हुए धरना प्रदर्शन कर रहे थे. कुछ समय बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ बीडीओ कार्यालय के भीतर प्रवेश कर गये. इसके बाद कार्यालय के अंदर तोड़फोड़ शुरू होने का आरोप है.आरोप है कि विधायक और उनके समर्थकों ने पहले आम लोगों को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा. इसके बाद कुर्सी, टेबल पलट दिये गये. तोड़फोड़ की गयी. मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, इस दौरान जोर-जोर से यह कहते हुए सुना गया कि ‘कोई सुनवाई नहीं होगी’. घटना के बाद विधायक इस्लाम ने पत्रकारों के समक्ष आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पास लोग शिकायत लेकर आ रहे हैं कि नाम के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है. एक समुदाय के नाम पर किसी तरह की जांच नहीं होती, जबकि दूसरे नाम पर पूरे परिवार का विवरण मांगा जा रहा है. उन्होंने इसे दोहरे मापदंड का आरोप बताते हुए कहा कि इस तरह की स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने यह भी कहा कि फरक्का के लोगों को बचाने के लिए अगर उन्हें सबसे पहले गोली खानी पड़े तो वह तैयार हैं. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. विपक्षी खेमे ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ दल के विधायक खुद सरकारी कार्यालय में तोड़फोड़ का नेतृत्व कर रहे हैं, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
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