मानकों को लेकर जागरूकता है आवश्यक : मंत्री

बीआइएस के क्षेत्रीय कार्यालय में विश्व मानक दिवस का आयोजन, मंत्री ने दी कई योजनाओं की जानकारी

कोलकाता. भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस), पूर्वी क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता की ओर से बुधवार को महानगर में विश्व मानक दिवस 2025 के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस वर्ष के विश्व मानक दिवस का थीम था, ‘एक बेहतर विश्व के लिए साझा दृष्टिकोण: सतत विकास के लिए मानक’, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी 17) में मानकों की भूमिका को उजागर करता है. इस मौके पर राज्य के उपभोक्ता मामलों के मंत्री बिप्लब मित्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इस मौके पर श्री मित्रा ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से उपभोक्ताओं को मानकों के बारे में जागरूक करने के लिए कई योजनाएं शुरू की गयी हैं और इसके लिए पूरे राज्य भर में शिविर व अभियान चलाये जा रहे हैं. मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के सशक्तीकरण के लिए मानकों के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बीआइएस द्वारा शुरू किये गये गुणवत्ता कार्यक्रमों में नागरिकों के बीच व्यापक रुचि और जागरूकता पैदा कर रही है. उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसा मानक स्थापित करना होगा, जहां उपभोक्ताओं को किसी भी उत्पाद को खरीदने से पहले आइएसआइ और बीआइएस प्रमाणीकरण सत्यापित करने के लिए जागरूक किया जाये. उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में बीआइएस और राज्य सरकार के सहयोग और विभिन्न क्षेत्रों में मानकों के कार्यान्वयन की भूमिका पर जोर दिया. इस मौके पर बीआइएस के उप महानिदेशक (पूर्व) अनुज स्वरूप भटनागर ने स्वागत भाषण में मानकीकरण और गुणवत्ता संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डाला. इस मौके पर राज्य के उपभोक्ता मामलों के विभाग की विशेष सचिव रुमेला डे, परिवहन विभाग के विशेष सचिव कंचन चौधरी भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आइआइईएसटी शिवपुर के निदेशक प्रोफेसर वीएमएसआर मूर्ति निदेशक ने शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से मानकीकरण और नवाचार पर बल दिया. बताया गया है कि उद्घाटन समारोह के बाद तकनीकी सत्र आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता आइआइईएसटी शिवपुर के एसोसिएट डीन प्रोफेसर अशोक अदक ने की. सत्र में सतत विकास लक्ष्यों में साझेदारी, नवाचार और मानकों की भूमिका पर चर्चा हुई. स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन के चेयरपर्सन डॉ समीरन पांडा ने स्वास्थ्य और कल्याण में सफल साझेदारियों के उदाहरण साझा किये, जबकि स्कूल ऑफ मेकाट्रॉनिक्स एंड रोबोटिक्स के प्रोफेसर तन्मय पाल ने मेकाट्रॉनिक्स और रोबोटिक्स तकनीक के योगदान पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम में उद्योग, सरकारी विभागों और शैक्षणिक संस्थानों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गयी, साथ ही 500 से अधिक छात्रों के लिए ‘मानक कार्निवल’ भी आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं में गुणवत्ता और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना था.

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By GANESH MAHTO

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