बजट सत्र में तृणमूल-भाजपा आमने-सामने, अश्विनी वैष्णव ने बंगाल सरकार पर लगाये गंभीर आरोप

Ashwini Vaishnaw Attack on West Bengal: लोकसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य को रिकॉर्ड रेल बजट मिला है, लेकिन जमीन अधिग्रहण केवल 27 प्रतिशत हुआ है. उन्होंने तृणमूल सांसद के भेदभाव के आरोपों को खारिज किया और राज्य सरकार से परियोजनाओं में तेजी लाने को कहा.

Ashwini Vaishnaw Attack on West Bengal: लोकसभा में बजट सत्र पर चर्चा के दौरान पश्चिम बंगाल के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 2 नेताओं में तीखी बहस हुई. तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने राज्य में अमृत भारत स्टेशन योजना को लेकर सवाल उठाये, तो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाये. रेल मंत्री ने पूछा कि आखिर राज्य सरकार को अपनी जनता से दुश्मनी क्यों है.

तृणमूल सांसद कीर्ति आजाद ने लगाये भेदभाव के आरोप

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने बुधवार को लोकसबा में पूछा कि क्या केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के साथ भेदभाव और पक्षपात कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के साथ अलग तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है.

रेल मंत्री का दावा – बंगाल को मिला रिकॉर्ड बजट

इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सांसद का आरोप सही नहीं है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के लिए रिकॉर्ड बजट दिया है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस (यूपीए) सरकार में हर साल करीब 4,300 करोड़ रुपए बंगाल को मिलते थे. अब यह बढ़कर 14,205 करोड़ रुपए हो गया है.

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कीर्ति आजाद और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आमने-सामने

पश्चिम बंगाल में अमृत भारत स्टेशनों के कार्यों को लेकर केंद्र सरकार का पश्चिम बंगाल के विरुद्ध विषमता, विद्वेष और पक्षपातपूर्ण रवैया क्यों है?

कीर्ति आजाद, सांसद, तृणमूल कांग्रेस

सांसद के आक्षेप में तथ्य नहीं है. बंगाल के लिए मोदी सरकार ने रिकॉर्ड बजट दिये. मैं पूछना चाहूंगा कि सरकार को बंगाल की जनता के प्रति इतना विद्वेष क्यों है?

अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री

जमीन अधिग्रहण की रफ्तार धीमी

वैष्णव ने यह भी कहा कि बंगाल में रेल परियोजनाओं की लगातार समीक्षा होती है. जमीन अधिग्रहण यानी परियोजनाओं के लिए जमीन लेने का काम केवल 27 प्रतिशत ही हो पाया है. कई परियोजनाओं में तो जमीन अधिग्रहण शून्य है, यानी बिल्कुल भी जमीन नहीं ली गयी है.

मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील

रेल मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस सांसद से कहा कि वे बंगाल की चीफ मिनिस्टर से रेल परियोजनाओं में तेजी लाने को कहें. साथ ही वैष्णव ने सवाल किया कि बंगाल सरकार को अपने ही राज्य की जनता के प्रति इतनी नाराजगी क्यों है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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